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मैनपुरी में डूब क्षेत्र की ही नहीं शहर की अन्य कई कॉलोनियां भी अवैध
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मैनपुरी। शहर में केवल डूब क्षेत्र में ही की गई प्लॉटिंग और निर्माण अवैध नहीं हैं बल्कि अन्य कई कॉलोनियां भी अवैध हैं। इनमें प्लॉटिंग करते हुए नियमों की अनदेखी की गई है। प्रशासन ने ऐसे स्थानों का चिह्नांकन शुरू करा दिया है। जल्द ही इनके मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी।
शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण कार्य के लिए विनियमित क्षेत्र से अनुमति लेना अनिवार्य है। यहां निर्धारित फीस चुकाने के बाद अभियंता द्वारा निरीक्षण के बाद अनुमति जारी की जाती है। इसके बाद ही प्लॉटिंग या नक्शा पास किया जाता है। वर्ष 2008 के बाद किसी ने भी विनियमित क्षेत्र से कोई नक्शा पास नहीं कराया। शहर के आसपास धड़ल्ले से प्लॉटिंग की गई। इतना ही नहीं इनमें अवैध निर्माण भी कर लिए गए। डूब क्षेत्र के बाद अब उप जिलाधिकारी सदर ऋषिराज ने ऐसी सभी कॉलोनियों के चिह्नांकन के आदेश दिए हैं।
विनियमित क्षेत्र से जानकारी कर ही खरीदें प्लॉट
भले ही कॉलोनियां अवैध हैं, लेकिन इसका प्रभाव खरीदारों पर पड़ेगा। अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र पीके दीक्षित ने बताया कि निर्माण चाहे कोई भी हो, अगर वह डूब क्षेत्र में है तो अवैध है। इसमें खरीदारों की कोई अपील नहीं सुनी जाएगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग विनियमित क्षेत्र से संपर्क करने के बाद ही कोई प्लॉट खरीदें। क्योंकि यहां से उन्हें पता चल जाएगा कि कॉलोनी वैध है और वह डूब क्षेत्र में तो नहीं है।
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चुकाना होगा शुल्क
डूब क्षेत्र से इतर जमीन पर बसाई गईं कॉलोनियों को नोटिस जारी होने के बाद विनियमित क्षेत्र द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद उन्हें राहत मिल जाएगी। डूब क्षेत्र के मामले में ये निर्माण ध्वस्त कराने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
वर्जन
शहर में बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की गई है, जिसमें लोगों ने निर्माण भी किए हैं। इन लोगों ने न तो नक्शा पास कराया और न ही शुल्क जमा किया। ऐसे सभी क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। - ऋषिराज, एसडीएम सदर।
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शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण कार्य के लिए विनियमित क्षेत्र से अनुमति लेना अनिवार्य है। यहां निर्धारित फीस चुकाने के बाद अभियंता द्वारा निरीक्षण के बाद अनुमति जारी की जाती है। इसके बाद ही प्लॉटिंग या नक्शा पास किया जाता है। वर्ष 2008 के बाद किसी ने भी विनियमित क्षेत्र से कोई नक्शा पास नहीं कराया। शहर के आसपास धड़ल्ले से प्लॉटिंग की गई। इतना ही नहीं इनमें अवैध निर्माण भी कर लिए गए। डूब क्षेत्र के बाद अब उप जिलाधिकारी सदर ऋषिराज ने ऐसी सभी कॉलोनियों के चिह्नांकन के आदेश दिए हैं।
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विनियमित क्षेत्र से जानकारी कर ही खरीदें प्लॉट
भले ही कॉलोनियां अवैध हैं, लेकिन इसका प्रभाव खरीदारों पर पड़ेगा। अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र पीके दीक्षित ने बताया कि निर्माण चाहे कोई भी हो, अगर वह डूब क्षेत्र में है तो अवैध है। इसमें खरीदारों की कोई अपील नहीं सुनी जाएगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग विनियमित क्षेत्र से संपर्क करने के बाद ही कोई प्लॉट खरीदें। क्योंकि यहां से उन्हें पता चल जाएगा कि कॉलोनी वैध है और वह डूब क्षेत्र में तो नहीं है।
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चुकाना होगा शुल्क
डूब क्षेत्र से इतर जमीन पर बसाई गईं कॉलोनियों को नोटिस जारी होने के बाद विनियमित क्षेत्र द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद उन्हें राहत मिल जाएगी। डूब क्षेत्र के मामले में ये निर्माण ध्वस्त कराने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
वर्जन
शहर में बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की गई है, जिसमें लोगों ने निर्माण भी किए हैं। इन लोगों ने न तो नक्शा पास कराया और न ही शुल्क जमा किया। ऐसे सभी क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। - ऋषिराज, एसडीएम सदर।