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आयकर रिटर्न भरते हैं तो नहीं मिलेगी सम्मान निधि
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मैनपुरी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अब आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। शासन के आदेश के बाद कृषि विभाग ने पहले चरण में ढाई हजार से अधिक आयकर दाताओं को चिह्नित किया है। ऐसे किसानों की सम्मान निधि की किस्त रोक दी गई है। ऐसे किसानों से अब तक योजना के तहत मिली धनराशि की भी रिकवरी की जाएगी।
किसानों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अब पात्रता की शर्तें बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में आए शासन के आदेश के तहत अब ऐसे किसान जो आयकर रिटर्न भरते हैं, उन्हें सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। अगर आयकर रिटर्न भरने वाले किसान आयकर की श्रेणी में नहीं आते हैं तो भी वे अपात्र माने जाएंगे।
शासन के आदेश के बाद कृषि विभाग ने ऐसे किसानों का चिह्नांकन शुरू कर दिया है। पहले चरण में कृषि विभाग ने 2722 ऐसे किसानों को चिह्नित किया है जो आयकर की श्रेणी में हैं और आयकर चुकाते हैं। ऐसे किसानों की किस्त तत्काल रोक दी गई है।
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वहीं दूसरे चरण में विभाग ने आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले किसानों का चिह्नांकन शुरू कर दिया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इन नियम के चलते बड़ी संख्या में किसान सम्मान निधि पाने से वंचित हो जाएंगे। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी शासन के आदेशों के अनुसार कार्य करने की बात कह रहे हैं।
उपकृषि निदेशक कार्यालय में जमा करनी होगी धनराशि
पहले चरण में चिह्नित किए गए 2722 आयकरदाताओं से शासन ने अब तक मिली सम्मान निधि की धनराशि वापस लेने के आदेश दिए हैं। इसके लिए विभाग सभी को नोटिस जारी कर धनराशि जमा कराने के लिए कह रहा है। ये धनराशि उप कृषि निदेशक कार्यालय में नकद जमा करनी होगी। धनराशि जमा करने पर उन्हें रसीद दी जाएगी। बाद में विभाग शासन के खाते में ये धनराशि जमा कर ऑनलाइन पोर्टल पर फीडिंग के साथ ही किसान का डाटा डिलीट कराएगा।
हाईलाइर्ट्स
-3.46 लाख हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकरण
-2722 चिह्नित किए गए आयकर दाता किसान
-3.11 लाख खातों में भेजी गई नौवीं किस्त
शासन के आदेश पर आयकर दाता और आयकर रिटर्न भरने वाले किसानों का चिह्नांकन किया जा रहा है। नए नियम के अनुसार सम्मान निधि के लिए ऐसे किसान अपात्र हैं। पहले चरण में 2722 आयकरदाताओं को चिह्नित कर उनकी सम्मान निधि रोक दी गई है। -डीवी सिंह, उप निदेशक कृषि।
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किसानों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अब पात्रता की शर्तें बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में आए शासन के आदेश के तहत अब ऐसे किसान जो आयकर रिटर्न भरते हैं, उन्हें सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। अगर आयकर रिटर्न भरने वाले किसान आयकर की श्रेणी में नहीं आते हैं तो भी वे अपात्र माने जाएंगे।
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शासन के आदेश के बाद कृषि विभाग ने ऐसे किसानों का चिह्नांकन शुरू कर दिया है। पहले चरण में कृषि विभाग ने 2722 ऐसे किसानों को चिह्नित किया है जो आयकर की श्रेणी में हैं और आयकर चुकाते हैं। ऐसे किसानों की किस्त तत्काल रोक दी गई है।
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वहीं दूसरे चरण में विभाग ने आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले किसानों का चिह्नांकन शुरू कर दिया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इन नियम के चलते बड़ी संख्या में किसान सम्मान निधि पाने से वंचित हो जाएंगे। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी शासन के आदेशों के अनुसार कार्य करने की बात कह रहे हैं।
उपकृषि निदेशक कार्यालय में जमा करनी होगी धनराशि
पहले चरण में चिह्नित किए गए 2722 आयकरदाताओं से शासन ने अब तक मिली सम्मान निधि की धनराशि वापस लेने के आदेश दिए हैं। इसके लिए विभाग सभी को नोटिस जारी कर धनराशि जमा कराने के लिए कह रहा है। ये धनराशि उप कृषि निदेशक कार्यालय में नकद जमा करनी होगी। धनराशि जमा करने पर उन्हें रसीद दी जाएगी। बाद में विभाग शासन के खाते में ये धनराशि जमा कर ऑनलाइन पोर्टल पर फीडिंग के साथ ही किसान का डाटा डिलीट कराएगा।
हाईलाइर्ट्स
-3.46 लाख हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकरण
-2722 चिह्नित किए गए आयकर दाता किसान
-3.11 लाख खातों में भेजी गई नौवीं किस्त
शासन के आदेश पर आयकर दाता और आयकर रिटर्न भरने वाले किसानों का चिह्नांकन किया जा रहा है। नए नियम के अनुसार सम्मान निधि के लिए ऐसे किसान अपात्र हैं। पहले चरण में 2722 आयकरदाताओं को चिह्नित कर उनकी सम्मान निधि रोक दी गई है। -डीवी सिंह, उप निदेशक कृषि।