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जिले के 50 कोल्ड स्टोर में भंडारित है ढाई लाख मीट्रिक टन आलू

Tue, 05 Oct 2021 11:54 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 11:54 PM IST
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If the price fell, then the withdrawal of potatoes from the cold store stopped
मैनपुरी। आलू की कीमतें गिरने के साथ ही कोल्ड स्टोर से उसकी निकासी थम गई है। जिले के 50 कोल्ड स्टोरों में ढाई लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू अब भी भंडारित है। किसान आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। आलू की कीमतें और कम हुईं तो कोल्ड स्टोर संचालकों की भी मुसीबतें बढ़ेंगी।
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जिले में करीब साढ़े पांच लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। उत्पादित आलू का बड़ा भाग किसान बिक्री और अगली फसल के बीज के लिए कोल्ड स्टोरेज में भंडारित करते हैं। इस बार आलू की कीमतें गिरने से किसान परेशान हैं। वर्तमान में थोक में आलू छह सौ रुपये से आठ सौ रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। इससे किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी रोक दी है। अभी तक 1.89 लाख मीट्रिक टन आलू की निकासी हो चुकी है। जबकि 50 कोल्ड स्टोरेज में ढाई लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू भंडारित है। उद्यान विभाग कोल्ड स्टोरेज संचालक और किसानों को आलू की निकासी के लिए प्रेरित कर रहा है, लेकिन निकासी में तेजी नहीं आ रही है। विभाग इस बात से चिंतित है कि अगर बाद में एक साथ आलू बाजार में आया तो कीमतें और गिर जाएंगी।
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फुटकर में 15 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा
वर्तमान में फुटकर में आलू 15 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। अगर इतनी ही कीमत किसान को मिल जाए तो किसानों को लाभ हो सकता है।
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हाईलाइट्र्स
-50 हैं जिले में कोल्ड स्टोरेज।
-22 हजार हेक्टेयर आलू का क्षेत्रफल।
-4.66 लाख मीट्रिक टन कुल भंडारण।
-1.89 लाख मीट्रिक टन की निकासी।
-2.50 लाख मीट्रिक टन है भंडारित।
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किसानों की बात
कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू की निकासी करने में किसानों को नुकसान हो रहा है। किराया, बारदाना और उत्पादन की कीमत निकालें तो नुकसान होगा।
हरगोविंद, जोगपुर।
आलू की निकासी के लिए किसानों को अपनी जेब से किराया जमा करना होगा। बाद में आलू की बिक्री करके किसानों को कोई फायदा होने वाला नहीं है।
दिनेश चंद्र, धनमऊ।
सरकार को आलू की खरीद समर्थन मूल्य पर करनी चाहिए। इससे आलू की सही कीमत मिल सकेगी। इस बार आलू की कीमतें कम होने से नुकसान है।
बंदू, नगला गहियर।
किसानों को हर बार फसल में नुकसान ही होती है। कभी उत्पादन गिरने से किसान घाटे में जाता है तो कभी कीमतें किसान को कर्जदार बना देती हैं।
अतर सिंह, मंछना।
लगातार कोल्ड स्टोरेज संचालक और किसानों को आलू की निकासी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जल्द ही कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी में तेजी आएगी।
अनूप कुमार चतुर्वेदी, जिला उद्यान अधिकारी।
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