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चिकित्सक की सलाह: अगर बंद नहीं हो रहे बच्चे के दस्त तो तुरंत कराएं कोरोना जांच
Sat, 22 May 2021 12:05 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 22 May 2021 12:05 AM IST
सार
कोरोना संक्रमण की चपेट में बच्चे भी आ रहे हैं। संक्रमित होने पर ज्यादातर बच्चों में उल्टी-दस्त और डायरिया के लक्षण सामने आ रहे हैं।
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कोविड टेस्ट (सांकेतिक तस्वीर)
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के एसआईसी व वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव की सलाह है कि यदि बच्चों को दस्त लगातार हो रही है तो कोरोना की जांच जरूर कराएं। उनका कहना है कि बच्चों के शरीर के अंगों के काम करने की क्षमता बड़ों की अपेक्षा ज्यादा होती है। इससे बच्चों में कोरोना के ज्यादा लक्षण सामने नहीं आ पा रहे हैं।
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बच्चे ऐसी स्थिति में गैर लक्षण वाले कैरियर साबित हो सकते हैं। खांसी, हल्का कफ, बुखार और बदन दर्द होने पर भी बच्चे को तुरंत डॉक्टर की सलाह के मुताबिक दवाएं देनी चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर में दस्त को भी कोरोना के लक्षण के तौर पर देखा गया है। बच्चे को दस्त है तो उसे हल्के में न लें।
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डॉक्टर से संपर्क करें और बच्चे में पानी की कमी न होने दें। ओआरएस का घोल पिलाएं। अक्सर बच्चों में डायरिया होने पर डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) की संभावना रहती है, जिससे गंभीरता बढ़ सकती है। आमतौर पर वायरस से होने वाले डायरिया में एंटीबायोटिक कारगर नहीं होते।
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पानी की कमी न होने दें
डॉ. नीरज यादव का कहना है कि बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए उनकी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। दूषित भोज्य पदार्थो व दूषित जल के सेवन से बचाएं। हमेशा उनको उबालकर या क्लोरीनेशन किया हुआ पानी ही पिलाएं। बच्चे को दस्त की समस्या हो गई है तो घबराएं नहीं, कोई दवा देने से पहले पानी की कमी से बचाएं। इसके लिए बच्चे को तरल पदार्थ देते रहें।
इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत
- बच्चों में मास्क पहनने और शारीरिक दूरी बनाने की आदत डालें।
- हमेशा साबुन से हाथ धुलते रहते के लिए प्रेरित किया जाए।
- सामूहिक खेल न खेलने दें, सार्वजनिक कार्यक्रमों में न ले जाएं।
- छह माह से छोटे बच्चों को केवल मां का ही दूध पिलाएं।
- कोई असाध्य रोगी घर में है तो उससे बच्चों को दूर रखें।
डॉ. नीरज यादव का कहना है कि बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए उनकी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। दूषित भोज्य पदार्थो व दूषित जल के सेवन से बचाएं। हमेशा उनको उबालकर या क्लोरीनेशन किया हुआ पानी ही पिलाएं। बच्चे को दस्त की समस्या हो गई है तो घबराएं नहीं, कोई दवा देने से पहले पानी की कमी से बचाएं। इसके लिए बच्चे को तरल पदार्थ देते रहें।
इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत
- बच्चों में मास्क पहनने और शारीरिक दूरी बनाने की आदत डालें।
- हमेशा साबुन से हाथ धुलते रहते के लिए प्रेरित किया जाए।
- सामूहिक खेल न खेलने दें, सार्वजनिक कार्यक्रमों में न ले जाएं।
- छह माह से छोटे बच्चों को केवल मां का ही दूध पिलाएं।
- कोई असाध्य रोगी घर में है तो उससे बच्चों को दूर रखें।