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UP: सांड के हमले या फिर सांप के काटने से हो जाए मृत्यु, आश्रितों को मिलेंगे चार लाख रुपये; ये है नियम
Fri, 19 Jul 2024 10:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 19 Jul 2024 10:08 AM IST
सार
सांड़ के हमले के अलावा यदि किसी की सर्पदंश से मृत्यु हो जाती है, तो मृतक के आश्रितों को चार लाख रुपये की सहायता मिलेगी। इसके लिए पंचनामा और पोस्टमार्टम कराना जरूरी होगा।
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सांप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सांड़ के हमले में जान गंवाने के अलावा अब सांप के डसने से मौत पर भी 4 लाख रुपये सरकार से आर्थिक मदद मिलेगी। सर्पदंश को भी राज्य आपदा घोषित किया गया है। मृतक का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराना जरूरी होगा।
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इससे पहले नाले, तालाब, नदी या गड्डे में डूबने, बिजली गिरने, भूकंप या भूस्खलन, मिट्टी धंसने से हुई मौत को ही सरकार ने राज्य आपदा में शामिल किया था। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि दैवीय आपदा से होने वाली मौत को राज्य आपदा मानते हुए आश्रितों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मौत के सात दिन में इसका भुगतान किया जाएगा।
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राजस्व एवं राहत आयुक्त ने बृहस्पतिवार को जारी पत्र में सर्पदंश को भी राज्य आपदा में शामिल किया है। सांप के डसने से मौत को प्रमाणित करने के लिए पहले पोस्टमार्टम के बाद बिसरा को सुरक्षित रखा जाता था। फोरेंसिक लैब से रिपोर्ट में मिलने समय लगता था। जिसके कारण आश्रितों को आर्थिक मदद के लिए इंतजार करना पड़ता था। फॉरेंसिक लीगल सेल के अनुसार अब बिसरा सुरक्षित रखने की अनिवार्यता को सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए खत्म कर दिया गया है।
झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें
आपदा राहत प्रभारी एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला ने बताया कि सांप काटने पर झांड-फूंक के चक्कर में न फंसे। ऊंची जमीन, पहाड़ लंबी घास व पानी में सांपों से सावधान रहें। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। जहर चूसने के लिए मुंह का प्रयोग न करें। बर्फ न लगाएं। पीड़ित को तत्काल चिकित्सक व अस्पताल में उपचार के लिए ले जाएं।
आपदा राहत प्रभारी एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला ने बताया कि सांप काटने पर झांड-फूंक के चक्कर में न फंसे। ऊंची जमीन, पहाड़ लंबी घास व पानी में सांपों से सावधान रहें। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। जहर चूसने के लिए मुंह का प्रयोग न करें। बर्फ न लगाएं। पीड़ित को तत्काल चिकित्सक व अस्पताल में उपचार के लिए ले जाएं।