{"_id":"67ea16587027f5718702f8d8","slug":"if-children-are-eating-fast-food-be-careful-their-height-will-be-less-doctor-gave-advice-2025-03-31","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: बच्चों की लंबाई यदि कम है तो...तुरंत छुड़वा दें ये चीजें, चिकित्सक ने बताया क्यों हो रहे बौनेपन का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: बच्चों की लंबाई यदि कम है तो...तुरंत छुड़वा दें ये चीजें, चिकित्सक ने बताया क्यों हो रहे बौनेपन का शिकार
Mon, 31 Mar 2025 09:44 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 31 Mar 2025 09:44 AM IST
सार
पौष्टिक भोजन न करने से बच्चों का शारीरिक विकास गड़बड़ा रहा है। आईएपी की कार्यशाला में चिकित्सकों ने इस पर चिंता जताई। चिकित्सकों ने टीकाकरण पर भी जोर दिया।
विज्ञापन
लंबाई
- फोटो : freepik
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फास्ट-जंक फूड के बढ़ते चलन से बच्चों के पेट में केमिकल जमा हो रहा है। पेट में संक्रमण और हर तीसरे बच्चे में बौनापन की दिक्कत मिल रही है। आवास विकास कॉलोनी स्थित होटल में आयोजित कार्यशाला में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के चिकित्सकों ने इस पर चिंता जताई है। डॉक्टरों ने टीकाकरण, पौष्टिक भोजन और शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
दिल्ली के डॉ. ललित मेंहदीरता ने कहा कि घरों में पेटीज, चाऊमीन, बर्गर, पैकेट-डिब्बा बंद भोजन और शीतलपेय का चलन तेजी से बढ़ा है। इनमें कई तरह के केमिकल होते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर में जमा हो रहे हैं। दाल, हरी सब्जी, फल-सलाद समेत स्वस्थ भोजन से दूरी और खेलकूद भी कम होने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। करीब 32 फीसदी में तय वजन से कम है, 35 फीसदी में बौनेपन के लक्षण हैं, करीब 20 फीसदी में ये दोनों दिक्कतें मिल रही हैं।
ये भी पढ़ें - रूफटॉप में बवाल: गर्लफ्रेंड संग आए जूता कारोबारी के बेटे ने दो दोस्तों को पीटा, फिर तानी पिस्टल...मचा हड़कंप
ये भी पढ़ें - रूफटॉप में बवाल: गर्लफ्रेंड संग आए जूता कारोबारी के बेटे ने दो दोस्तों को पीटा, फिर तानी पिस्टल...मचा हड़कंप
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम के डॉ. अजय अरोड़ा ने बताया कि फास्ट फूड से बच्चों में मोटापा, मांसपेशियां कमजोर मिल रही हैं। आईपीए के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने ऐसे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है। सचिव डॉ. राहुल पेंगोरिया ने टीकाकरण का महत्व बताया। कहा कि ये संक्रमण और बीमारियों से बचाता है। कार्यशाला में डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. राजीव कृषक, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. युवराज सिंह आदि ने भी व्याख्यान दिए।
ये दिए सुझाव:
- 6 माह तक शिशु को स्तनपान कराएं।
- बच्चों को भोजन में हरी सब्जी, दाल, फल, सलाद अधिक दें।
- मोबाइल-टीवी से बचाएं, भागदौड़ वाले खेलकूद पर जोर दें।
- फास्ट-जंक फूड और पैकेट बंद खाद्य सामग्री से बचाएं।
- बाजार में तले भोजन से बचाएं, घर में पौष्टिक सामग्री बनाएं।
- गर्भवती महिला और शिशु को जरूरी सभी टीके लगवाएं।
- 6 माह तक शिशु को स्तनपान कराएं।
- बच्चों को भोजन में हरी सब्जी, दाल, फल, सलाद अधिक दें।
- मोबाइल-टीवी से बचाएं, भागदौड़ वाले खेलकूद पर जोर दें।
- फास्ट-जंक फूड और पैकेट बंद खाद्य सामग्री से बचाएं।
- बाजार में तले भोजन से बचाएं, घर में पौष्टिक सामग्री बनाएं।
- गर्भवती महिला और शिशु को जरूरी सभी टीके लगवाएं।