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संक्रमित या क्वेरेंटाइन में रहने वाले का नाम उजागर नहीं होगा
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मथुरा। कोरोना (कोविड-19) के खिलाफ चल रही जंग में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक और गाइड लाइन जारी की है। सीएमओ डा. शेर सिंह द्वारा भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन का पालन करने के लिए प्रचार प्रसार का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि कोरोना वायरस के शिकार पोजीटिव केस वाले लोगों का नाम उजागर नहीं किया जाएगा। संक्रमित व क्वेरेंटाइन में रहने वालों के नाम व पहचान उजागर न करने की स्पष्ट हिदायत दी गयी है। कोरोना से ठीक होने वाले के साथ कोई भेदभाव के बजाय उसे विजेता कहा जाएगा। इस बारे में सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बराबर हिदायतें भी दी जा रही हैं कि इस मुश्किल वक्त में मदद को हाथ बढ़ाने वालों को निशाना न बनाकर उनके प्रति धन्यवाद ज्ञापित करें । ऐसे लोगों को निशाना बनाने से हमारी लड़ाई कमजोर पड़ जाएगी। किसी तरह की अफवाह न फैलाएं बल्कि खुद सुरक्षित रहें और आस-पास सभी को सुरक्षित रखें। कोरोना पर विजय पाने वालों के प्रति किसी भी तरह का भेदभाव व बहिष्कार न करें क्योंकि इससे कोई भी संक्रमित हो सकता है । हालाँकि अधिकतर लोग इससे ठीक हो जाते हैं, ऐसे में रोगी और परिवार को हमारे सहयोग की जरूरत है न कि भेदभाव की । भेदभाव को रोकने के लिए क्या करें : ,,, आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वालों की सराहना और सहयोग करें। सरकारी स्रोतों, स्वास्थ्य मंत्रालय या डब्ल्यूएचओ की प्रामाणिक जानकारी ही साझा करें। किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से क्रास चेक कर लें। कोरोना वायरस को मात देने वालों की सकारात्मक कहानियां साझा करें।
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भेदभाव को रोके
मथुरा। संक्रमित व क्वेरेंटाइन में रहने वालों के नाम व पहचान को सोशल मीडिया पर साझा न करें। दहशत फैलाने से बचें, किसी समुदाय या क्षेत्र को कोविड के प्रसार का कारण न बताएं। हेल्थ केयर, सफाईकर्मी या पुलिस को निशाना न बनाएं। मरीज को कोविड पीड़ित कहने के बजाय कोरोना के विजेता के रूप में संबोधित करे।ं
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