{"_id":"5e01a2278ebc3e87d97f44c9","slug":"hundreds-of-fish-died-in-kusum-sarovar-of-govardhan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोवर्धन के कुसुम सरोवर में मरी सैकड़ों मछलियां, पानी में ऑक्सीजन की कमी बताया कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोवर्धन के कुसुम सरोवर में मरी सैकड़ों मछलियां, पानी में ऑक्सीजन की कमी बताया कारण
Tue, 24 Dec 2019 11:00 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 24 Dec 2019 11:00 AM IST
विज्ञापन
कुसुम सरोवर में मंगलवार को सैकड़ों मछलियां मरी मिली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा जनपद में गोवर्धन के कुसुम सरोवर में मंगलवार को सैकड़ों मछलियां मरी मिली। मछलियों के मरने का कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी माना जा रहा है। कुसुम सरोवर में पानी की हालत पर पिछले साल एक कंपनी ने चिंता जताई थी। कुसुम सरोवर का जल आचमन तो दूर स्नान योग्य भी नहीं माना था।
मथुरा में चार कुंड मानसी गंगा, हरजी कुंड, राधाकुंड-श्याम कुंड और कुसुम सरोवर कुंड की पहचान धार्मिक कारणों से है। यहां लाखों लोग प्रतिवर्ष आचमन और स्नान करते हैं। बाकी कुंड इनसे जुड़े हुए हैं। इन कुंडों में जल की स्थिति और उससे निपटने के लिए क्वैश प्रोडक्ट इंडिया लिमिटेड से सर्वे कराया गया।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इसके सबसे ज्यादा खराब स्थिति श्याम कुंड की है, जो राधाकुंड और अष्टसखी कुंड से जुड़ा हुआ है। यहां जल में बीओडी (बायोलॉजिकल आक्सीजन डिमांड) की मात्रा 195 मिली मिली है, जो बेहद चिंताजनक है।
विज्ञापन
इस जल को किसी भी दृष्टि से आचमन या स्नान योग्य नहीं माना जा सकता है। इसके अलावा मानसी गंगा में बीओडी 21 मिली, कुसुम सरोवर में 15 मिली और हरजी कुंड में बीओडी की मात्रा 10.5 मिली पाई गई है। सर्वे अध्ययन रिपोर्ट में जल में रसायन की मौजूदगी भी पाई गई है।
विज्ञापन
मथुरा में चार कुंड मानसी गंगा, हरजी कुंड, राधाकुंड-श्याम कुंड और कुसुम सरोवर कुंड की पहचान धार्मिक कारणों से है। यहां लाखों लोग प्रतिवर्ष आचमन और स्नान करते हैं। बाकी कुंड इनसे जुड़े हुए हैं। इन कुंडों में जल की स्थिति और उससे निपटने के लिए क्वैश प्रोडक्ट इंडिया लिमिटेड से सर्वे कराया गया।
विज्ञापन
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इसके सबसे ज्यादा खराब स्थिति श्याम कुंड की है, जो राधाकुंड और अष्टसखी कुंड से जुड़ा हुआ है। यहां जल में बीओडी (बायोलॉजिकल आक्सीजन डिमांड) की मात्रा 195 मिली मिली है, जो बेहद चिंताजनक है।
विज्ञापन
इस जल को किसी भी दृष्टि से आचमन या स्नान योग्य नहीं माना जा सकता है। इसके अलावा मानसी गंगा में बीओडी 21 मिली, कुसुम सरोवर में 15 मिली और हरजी कुंड में बीओडी की मात्रा 10.5 मिली पाई गई है। सर्वे अध्ययन रिपोर्ट में जल में रसायन की मौजूदगी भी पाई गई है।