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Agra News: जिला अस्पताल में लगी आग तो कैसे बुझाएंगे एक्सपायर अग्निशमन यंत्र
Sun, 28 May 2023 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 28 May 2023 11:25 PM IST
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एक तरफ जहां गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिला अस्पताल में लगे अग्नि शमन यंत्र 24 मई को ही एक्सपायर हो चुके हैं। अगर यहां आग लग जाएगी तो एक्सपायरी डेट के अग्निशमन यंत्रों से आग पर कैसे काबू पाया जा सकेगा।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल आग की घटनाओं को रोकने के लिए सजग नहीं दिख रहा है। अस्पताल में विभाग ने प्रत्येक वार्ड में अग्निशमन यंत्र लगवाए हैं लेकिन विभाग इस बात को लेकर बेखबर है कि अस्पताल के वार्डों में लगे यंत्र 24 मई को ही एक्सपायर हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अस्पताल में आग की घटना हुई तो कैसे आग पर काबू पाया जाता सकता है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि अस्पताल में प्रतिदिन 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। वहीं 70 से 80 मरीज अस्पताल में हमेशा भर्ती रहते हैं। इसके अतिरिक्त अस्पताल में करीब 100 कर्मचारियों की भी तैनाती है। लगभग एक हजार लोगों की जान को खतरा है। विभाग इससे अनजान बना हुआ है।
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मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान भी बरती गई लापरवाही
26 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंधिया तिराहे पर माधव राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण करने आए थे। इस दौरान अस्पताल में हृदयरोग विभाग को वीआईपी वार्ड बनाया गया था। इस वीआईपी वार्ड में भी मुख्यमंत्री के दौरे वाले दिन भी एक्सपायरी डेट का ही अग्नि शमन यंत्र लगा हुआ था। यदि कोई वीआईपी यहां भर्ती होता और आग की घटना होती तो किस प्रकार से आग पर काबू पाया जाता।
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दृश्य नंबर-एक
इमरजेंसी वार्ड
-जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इमरजेंसी कक्ष के पास मिनी ओटी के बाहर अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। यह यंत्र भी एक्सपायरी डेट का है। इसकी निर्धारित अवधि 24 मई को ही समाप्त हो चुकी है। इमरजेंसी के मेल और फीमेल वार्ड में लगे हुए अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायरी डेट के ही हैं।
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दृश्य नंबर-दो
हृदय रोग विभाग
-यह वीआईपी वार्ड भी यहां लगा अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी डेट का है। इसकी अवधि भी 24 मई को समाप्त हो चुकी है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि यहां कोई घटना होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। आखिर आग पर कैसे काबू पाया जाएगा।
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दृश्य नंबर-तीन
मेडिकल वार्ड
-जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में प्रतिदिन 8 से 10 मरीज भर्ती होते हैं। इस वार्ड में लगा अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी डेट का है। इसकी अवधि भी 24 मई को समाप्त हो चुकी है। विभाग की इस तरफ कोई नजर नहीं है यदि कोई घटना हुई तो आग पर कैसे काबू पाया जाएगा।
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दृश्य नंबर-चार
सर्जिकल वार्ड
-जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भी आठ से 10 मरीज प्रतिदिन भर्ती होते हैं। यहां लगा अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायरी डेट का है। इसकी निर्धारित अवधि भी 24 मई को समाप्त हो चुकी है। लेकिन विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
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अग्नि शमन यंत्र को बदले जाने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही अस्पताल में लगे अग्नि शमन यंत्र बदले जाएंगे।
-डॉ. मदनलाल, सीएमएस।
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एक तरफ जहां गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिला अस्पताल में लगे अग्नि शमन यंत्र 24 मई को ही एक्सपायर हो चुके हैं। अगर यहां आग लग जाएगी तो एक्सपायरी डेट के अग्निशमन यंत्रों से आग पर कैसे काबू पाया जा सकेगा।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल आग की घटनाओं को रोकने के लिए सजग नहीं दिख रहा है। अस्पताल में विभाग ने प्रत्येक वार्ड में अग्निशमन यंत्र लगवाए हैं लेकिन विभाग इस बात को लेकर बेखबर है कि अस्पताल के वार्डों में लगे यंत्र 24 मई को ही एक्सपायर हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अस्पताल में आग की घटना हुई तो कैसे आग पर काबू पाया जाता सकता है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि अस्पताल में प्रतिदिन 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। वहीं 70 से 80 मरीज अस्पताल में हमेशा भर्ती रहते हैं। इसके अतिरिक्त अस्पताल में करीब 100 कर्मचारियों की भी तैनाती है। लगभग एक हजार लोगों की जान को खतरा है। विभाग इससे अनजान बना हुआ है।
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मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान भी बरती गई लापरवाही
26 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंधिया तिराहे पर माधव राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण करने आए थे। इस दौरान अस्पताल में हृदयरोग विभाग को वीआईपी वार्ड बनाया गया था। इस वीआईपी वार्ड में भी मुख्यमंत्री के दौरे वाले दिन भी एक्सपायरी डेट का ही अग्नि शमन यंत्र लगा हुआ था। यदि कोई वीआईपी यहां भर्ती होता और आग की घटना होती तो किस प्रकार से आग पर काबू पाया जाता।
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इमरजेंसी वार्ड
-जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इमरजेंसी कक्ष के पास मिनी ओटी के बाहर अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। यह यंत्र भी एक्सपायरी डेट का है। इसकी निर्धारित अवधि 24 मई को ही समाप्त हो चुकी है। इमरजेंसी के मेल और फीमेल वार्ड में लगे हुए अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायरी डेट के ही हैं।
दृश्य नंबर-दो
हृदय रोग विभाग
-यह वीआईपी वार्ड भी यहां लगा अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी डेट का है। इसकी अवधि भी 24 मई को समाप्त हो चुकी है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि यहां कोई घटना होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। आखिर आग पर कैसे काबू पाया जाएगा।
दृश्य नंबर-तीन
मेडिकल वार्ड
-जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में प्रतिदिन 8 से 10 मरीज भर्ती होते हैं। इस वार्ड में लगा अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी डेट का है। इसकी अवधि भी 24 मई को समाप्त हो चुकी है। विभाग की इस तरफ कोई नजर नहीं है यदि कोई घटना हुई तो आग पर कैसे काबू पाया जाएगा।
दृश्य नंबर-चार
सर्जिकल वार्ड
-जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भी आठ से 10 मरीज प्रतिदिन भर्ती होते हैं। यहां लगा अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायरी डेट का है। इसकी निर्धारित अवधि भी 24 मई को समाप्त हो चुकी है। लेकिन विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
अग्नि शमन यंत्र को बदले जाने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही अस्पताल में लगे अग्नि शमन यंत्र बदले जाएंगे।
-डॉ. मदनलाल, सीएमएस।