बटेश्वर मेले में जहरखुरानी का शिकार घोड़ा व्यापारी साथी की सूझबूझ से लुटने से बचे
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आगरा के बाह बटेश्वर मेले में झांसी के रहने वाले 6 में से 5 घोड़ा व्यापारी जहरखुरानी का शिकार हो गए। उन्हें सब्जी में विषाख्त पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया था। छठें व्यापारी ने उनकी हालत देख पुलिस को बुला लिया। पुलिस को देखकर जहरखुरान भाग निकले। व्यापारियों को बेहोशी की हालत में सीएचसी बाह पर भर्ती कराया गया है। व्यापारियों के पास 5 लाख से ज्यादा की रकम लुटने से बच गई।
झांसी के भसनेह, गुसरांय के रहने वाले चंद्रशेखर पुत्र दयाराम अपने बेटे संजू, सोनू पुत्र बाबूलाल, टोढ़ी अमली निवासी प्रभु पुत्र भुटारी, रम्मू पुत्र दयाराम, टीकमगढ़ के सियाराम घोडे़ खरीदने के लिए गुरुवार को बटेश्वर मेले पहुंचे थे। इनके तंबू के पास खुद को चंदौसी का निवासी बताने वाले 4 जहरखुरानों ने तंबू लगा लिया।
पहले दिन सबने साथ चावल बनाकर खाया। शुक्रवार को अलग-अलग खाना बनाया। शनिवार को रोटियां झांसी के व्यापारियों और गोभी आलू की सब्जी जहरखुरानों ने बनाई। सभी खाने के लिए बैठे। रम्मू दुकान पर चीनी लेने गया था। वापस लौटे तो उनके कुछ साथी लड़खड़ाते दिखे। कुछ बेहोश से हो गए थे। यह देख रम्मू को शक हुआ। उसने 100 नंबर डायल कर पुलिस को बुला लिया।
पुलिस को देखकर जहरखुरान भाग निकले। घोड़ा व्यापारियों को बेहोशी की हालत में सीएचसी बाह पर भर्ती कराया। रम्मू की सूझबूझ से व्यापारी लुटने से बच गए। व्यापारियों के पास 5 लाख से ज्यादा की रकम थी।
बटेश्वर मेले में जहरखुरानी की हर साल वारदातें होती हैं। 2015 में अलवर के आठ, 2016 में मुरादाबाद के सात, 2017 में जैसलमेर के दो व्यापारी जहर खुरानी की वारदात का शिकार हुए थे।