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Holika Dahan 2025 Muhurat: होली पर समाप्त होने वाला है भद्रा का साया, जानें किस समय पर होगा होलिका दहन
Thu, 13 Mar 2025 10:42 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 13 Mar 2025 10:42 AM IST
सार
Holika Dahan 2025: होलिका दहन बुराई पर भक्ति की जीत का पर्व है। रंगों का ये पर्व आगरा में कल मनाया जाएगा, वहीं होलिका का दहन आज होगा। इस बार होली पर भद्रा का साया है। इसलिए होलिका दहन रात 11:30 बजे किया जा सकेगा।
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Holika Dahan 2025
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
होलिका दहन में अब कुछ घंटे ही बचे हैं। इस साल होली पर भद्रा का साया है। 13 मार्च को होलिका दहन का शुभ मुहूर्त देर रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर देर रात 12 बजकर 30 मिनट तक है। दिन में होलिका पूजा का समय सुबह 10:35 से दोपहर 1:29 बजे तक रहेगा।
भद्राकाल
इस साल 13 मार्च को भद्रा मुख शाम 6:57 बजे से रात 8:14 बजे तक रहेगी। इसके बाद भद्रा मुख का समय रात 10:22 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा मुख में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है इसलिए रात 10:22 बजे के बाद ही होलिका दहन करना शुभ रहेगा।
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भद्राकाल
इस साल 13 मार्च को भद्रा मुख शाम 6:57 बजे से रात 8:14 बजे तक रहेगी। इसके बाद भद्रा मुख का समय रात 10:22 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा मुख में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है इसलिए रात 10:22 बजे के बाद ही होलिका दहन करना शुभ रहेगा।
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ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनिता पाराशर ने बताया कि होलिका दहन के दिन पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख करके पूजा स्थल को पवित्र जल से साफ करके गोबर से बनी होलिका और प्रह्लाद की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद अक्षत, रोली, फूल, मूंग, नारियल, हल्दी, बताशे आदि पूजन सामग्री अर्पित करते हुए होलिका की पूजा करें।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. अनिता पाराशर ने बताया कि होलिका दहन के दिन पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख करके पूजा स्थल को पवित्र जल से साफ करके गोबर से बनी होलिका और प्रह्लाद की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद अक्षत, रोली, फूल, मूंग, नारियल, हल्दी, बताशे आदि पूजन सामग्री अर्पित करते हुए होलिका की पूजा करें।
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होलिका दहन पर, कुछ खास उपाय
- होलिका में गोबर की गुलरी जलाने से वातावरण शुद्ध होता है बीमारियां दूर होती है।
- होलिका में सूखा नारियल, सरसों और काले तिल अर्पित करें। भस्म से स्नान करें, साथ ही किशमिश, गन्ना और गेहूं की बालियां भूनकर खाने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
- घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और उस पर दोमुखी दीपक जलाएं।
- होलिका दहन के बाद सात परिक्रमा करें ।
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- होलिका दहन के बाद सात परिक्रमा करें ।
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होलिका दहन पर क्या न करें
- होलिका दहन में टूटे हुए अनाज अर्पित न करें।
- जलयुक्त नारियल को अग्नि में अर्पित करना अशुभ माना जाता है।
- होलिका दहन के दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
- किसी से भी धन का लेन-देन नहीं करें
- होलिका दहन में टूटे हुए अनाज अर्पित न करें।
- जलयुक्त नारियल को अग्नि में अर्पित करना अशुभ माना जाता है।
- होलिका दहन के दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
- किसी से भी धन का लेन-देन नहीं करें