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मोक्षदा एकादशी- तीर्थनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर हर गंगे के स्वर से गूंजे घाट
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कासगंज मोक्षदा एकादशी पर सोरोंजी की हरि की पौड़ी गंगा में स्नान करते श्रद्घालु
- फोटो : KASGANJ
सोरोंजी (कासगंज)। मोक्षदा एकादशी के पर्व पर मंगलवार को तीर्थनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर बाद तक हरि की पौड़ी गंगा में स्नानार्थियों ने डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। हर हर गंगे स्वर से तीर्थनगरी गुंजायमान रही। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंच देव दर्शन किए।
मार्गशीर्ष माघ की एकादशी पर्व पर गंगास्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि प्राचीन काल में भगवान विष्णु ने शूकरक्षेत्र की धरा पर तृतीय अवतार भगवान वराह रूप में लिया था और पृथ्वी रसातल में ले जाकर राक्षस हिरण्यकश्यप का वध किया था। उसके बाद पृथ्वी को पुन: स्थापित किया। मोक्षदा एकादशी पर व्रत रखकर भगवान ने स्नान किया। इसी मान्यता के चलते तीर्थनगरी में एकादशी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंगलवार को एकादशी पर्व की पूर्व संध्या सोमवार से ही श्रद्धालुओं की संख्या तीर्थनगरी में उमड़ने लगी। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में हरि की पौड़ी के घाट पर सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर गंगे, हर-हर महादेव के स्वर घाट पर गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती उतारी। स्नान के बाद भगवान वराह के दर्शन किए और प्रसाद वितरित कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली के लिए आशीष मांगा। इसके बाद हरि की पौड़ी के मार्ग पर परिक्रमा की। मार्ग में स्थित बालाजी दरबार, सोमेश्वर मंदिर, पंचमहाशक्ति, श्यामवराह मंदिर, योगेश्वर रघुनाथ जी मंदिर, द्वारिकाधीश, सिद्ध हनुमान मंदिर, गणपति मंदिर, मानस मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर मंदिरों में देवदर्शन किए।
इन घाटों पर हुआ स्नान
हरि की पौड़ी के वराह घाट, लाल घाट, सोमेश्वर घाट, लक्ष्मण जी घाट, रघुनाथ जी घाट, तुलसी घाट, मानस मंदिर घाट, छावनी घाट, नागालैंड घाट, श्यामवराह घाट, पांच छतरी घाट, बालाजी घाट, बरी घाट, शंकरजी पुल घाट, भैरव मंदिर घाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इन घाटों पर इतनी भीड़ थी कि श्रद्धा का सैलाब दिखाई दे रहा था।
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जगह जगह आयोजित हुए अन्न क्षेत्र
मोक्षदा एकादशी के अवसर पर मानस मंदिर, महेश दयानंद सोहम आश्रम, स्वामी अमृतानंद सोहम आश्रम, वंशी वाले बाबा आश्रम, टाटिया बाबा आश्रम, भूदत्त आश्रम, आर्य समाज मंदिर आदि में धार्मिक प्रवचन व अन्न क्षेत्र के कार्यक्रम आयोजित हुए। वहीं व्यापारियों ने बाजार में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी सब्जी व चाय का प्रबंध कराया। रामेश्वर दयाल महेरे, गिर्राज किशोर अग्रवाल सर्राफ, योगेश सोनी, विक्की पसनावत, अभिषेक सोनी, रवि पंवार आदि उपस्थित रहे।
मंगला आरती में उमड़े श्रद्धालु
मंगलवार सुबह 5 बजे भगवान वराह की मंगला आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। श्रद्धालु अमृत पर्व पर सुबह 4 बजे ही वराह घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंच गए। भगवान वराह के दर्शन उपरांत श्रद्धालुओं में भगवान वराह की मंगला आरती लेने की होड़ लगी रही।
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मार्गशीर्ष माघ की एकादशी पर्व पर गंगास्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि प्राचीन काल में भगवान विष्णु ने शूकरक्षेत्र की धरा पर तृतीय अवतार भगवान वराह रूप में लिया था और पृथ्वी रसातल में ले जाकर राक्षस हिरण्यकश्यप का वध किया था। उसके बाद पृथ्वी को पुन: स्थापित किया। मोक्षदा एकादशी पर व्रत रखकर भगवान ने स्नान किया। इसी मान्यता के चलते तीर्थनगरी में एकादशी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंगलवार को एकादशी पर्व की पूर्व संध्या सोमवार से ही श्रद्धालुओं की संख्या तीर्थनगरी में उमड़ने लगी। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में हरि की पौड़ी के घाट पर सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर गंगे, हर-हर महादेव के स्वर घाट पर गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती उतारी। स्नान के बाद भगवान वराह के दर्शन किए और प्रसाद वितरित कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली के लिए आशीष मांगा। इसके बाद हरि की पौड़ी के मार्ग पर परिक्रमा की। मार्ग में स्थित बालाजी दरबार, सोमेश्वर मंदिर, पंचमहाशक्ति, श्यामवराह मंदिर, योगेश्वर रघुनाथ जी मंदिर, द्वारिकाधीश, सिद्ध हनुमान मंदिर, गणपति मंदिर, मानस मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर मंदिरों में देवदर्शन किए।
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इन घाटों पर हुआ स्नान
हरि की पौड़ी के वराह घाट, लाल घाट, सोमेश्वर घाट, लक्ष्मण जी घाट, रघुनाथ जी घाट, तुलसी घाट, मानस मंदिर घाट, छावनी घाट, नागालैंड घाट, श्यामवराह घाट, पांच छतरी घाट, बालाजी घाट, बरी घाट, शंकरजी पुल घाट, भैरव मंदिर घाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इन घाटों पर इतनी भीड़ थी कि श्रद्धा का सैलाब दिखाई दे रहा था।
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जगह जगह आयोजित हुए अन्न क्षेत्र
मोक्षदा एकादशी के अवसर पर मानस मंदिर, महेश दयानंद सोहम आश्रम, स्वामी अमृतानंद सोहम आश्रम, वंशी वाले बाबा आश्रम, टाटिया बाबा आश्रम, भूदत्त आश्रम, आर्य समाज मंदिर आदि में धार्मिक प्रवचन व अन्न क्षेत्र के कार्यक्रम आयोजित हुए। वहीं व्यापारियों ने बाजार में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी सब्जी व चाय का प्रबंध कराया। रामेश्वर दयाल महेरे, गिर्राज किशोर अग्रवाल सर्राफ, योगेश सोनी, विक्की पसनावत, अभिषेक सोनी, रवि पंवार आदि उपस्थित रहे।
मंगला आरती में उमड़े श्रद्धालु
मंगलवार सुबह 5 बजे भगवान वराह की मंगला आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। श्रद्धालु अमृत पर्व पर सुबह 4 बजे ही वराह घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंच गए। भगवान वराह के दर्शन उपरांत श्रद्धालुओं में भगवान वराह की मंगला आरती लेने की होड़ लगी रही।