{"_id":"65c50c62fbfd8b79050e50d9","slug":"holi-2024-in-mathura-vrindavan-news-mathura-holi-2024-celebrations-will-start-on-basant-panchami-2024-2024-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Holi 2024: बसंत पंचमी से ब्रज में छाएगा होली का उल्लास, 40 दिन तक बिखरेंगे आस्था के अद्भुत रंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Holi 2024: बसंत पंचमी से ब्रज में छाएगा होली का उल्लास, 40 दिन तक बिखरेंगे आस्था के अद्भुत रंग
Fri, 09 Feb 2024 12:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 09 Feb 2024 12:01 AM IST
सार
ब्रज की होली दुनियाभर में मशहूर है। इसके बारे में कहा जाता है 'सब जग होरी, जा ब्रज होरा...'। ऐसा इसलिए कहते हैं, क्योंकि ब्रज में रंगोत्सव का यह पर्व 40 दिन तक मनाया जाता है। इसकी शुरुआत बसंत पंचमी से होती है।
विज्ञापन
मथुरा: जन्मभूमि पर फूलों की होली खेलते राधा-कृष्ण के स्वरूप
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वृंदावन के मंदिरों समेत ब्रज में 40 दिन होली का उल्लास छाएगा। बसंत पंचमी यानि 14 फरवरी को बांकेबिहारी मंदिर एवं राधावल्लभ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में ठाकुरजी भक्तों के साथ होली खेलेंगे। जहां सेवायत गोस्वामी आराध्य को गुलाल सेवित करेंगे, वहीं उनके कपोलों (गाल) पर गुलाल लगाएंगे। आरती के बाद श्रद्धालुओं पर गुलाल बरसाया जाएगा। राधावल्लभ मंदिर में होली के पदों का गायन किया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
देश-दुनिया में जहां दो दिन होली मनाई जाती है। एक दिन होलिका दहन और दूसरे दिन होली मनाई जाती है, लेकिन ब्रज में बसंत पंचमी 14 फरवरी से होली की शुरुआत हो जाएगी जो कि 26 मार्च तक पूर्णिमा के दूसरे दिन पड़वा तिथि तक लगभग 40 दिन चलेगी। बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी ने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर में बसंत पंचमी से होली की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन सेवायत गोस्वामी आराध्य बांकेबिहारी के कपोलों और ठोड़ी पर गुलाल का शृंगार करेंगे।
ठाकुरजी को गुलाल सेवित किए जाने के बाद सुबह शृंगार आरती, राजभोग आरती और शाम को शयन आरती के बाद श्रद्धालुओं पर ठाकुरजी पर चांदी के थालों में सेवित किया गया प्रसादी गुलाल बरसाया जाएगा। मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर में बसंत पंचमी से होली की शुरुआत हो जाएगी।
विज्ञापन
वहीं ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में बसंत पंचमी पर बसंती रंग के पुष्पों और कपड़ों से मंदिर को सजाया जाएगा। मंदिर के सेवायत मोहित मराल गोस्वामी महाराज ने बताया कि ठाकुरजी को भी बसंती रंग की पोशाक धारण कराई जाएगी। सुबह शृंगार आरती, शाम को संध्या आरती के बाद भक्तों पर गुलाल बरसाया जाएगा।
विज्ञापन
देश-दुनिया में जहां दो दिन होली मनाई जाती है। एक दिन होलिका दहन और दूसरे दिन होली मनाई जाती है, लेकिन ब्रज में बसंत पंचमी 14 फरवरी से होली की शुरुआत हो जाएगी जो कि 26 मार्च तक पूर्णिमा के दूसरे दिन पड़वा तिथि तक लगभग 40 दिन चलेगी। बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी ने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर में बसंत पंचमी से होली की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन सेवायत गोस्वामी आराध्य बांकेबिहारी के कपोलों और ठोड़ी पर गुलाल का शृंगार करेंगे।
विज्ञापन
ठाकुरजी को गुलाल सेवित किए जाने के बाद सुबह शृंगार आरती, राजभोग आरती और शाम को शयन आरती के बाद श्रद्धालुओं पर ठाकुरजी पर चांदी के थालों में सेवित किया गया प्रसादी गुलाल बरसाया जाएगा। मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर में बसंत पंचमी से होली की शुरुआत हो जाएगी।
विज्ञापन
वहीं ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में बसंत पंचमी पर बसंती रंग के पुष्पों और कपड़ों से मंदिर को सजाया जाएगा। मंदिर के सेवायत मोहित मराल गोस्वामी महाराज ने बताया कि ठाकुरजी को भी बसंती रंग की पोशाक धारण कराई जाएगी। सुबह शृंगार आरती, शाम को संध्या आरती के बाद भक्तों पर गुलाल बरसाया जाएगा।