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'भारती' की भव्यता का प्राण है हिंदी, हमारी अस्मिता का वास्तविक प्रतिमान है हिंदी’
Tue, 15 Sep 2020 05:42 PM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 05:42 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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हिंदी दिवस की संध्या पर सोमवार को अमर उजाला की ओर से कवि सम्मेलन और विचार गोष्ठी का आयोजन कैलाशपुर में किया गया। कवि सतीश समर्थ ने ‘भारती की भव्यता का प्राण है हिंदी, हमारी अस्मिता का वास्तविक प्रतिमान है हिंदी...’ रचना प्रस्तुत की। बरनाहल से आए कवि राजवीर सिंह राज ने सुहागिन नारी की श्रृंगार में माथे की ज्यों बिंदी, भले ही विश्व में होगी अनेक भाषाएं, मगर सबसे बढ़कर है हमारी हिंदी... कविता सुनाई। वरिष्ठ कवि डॉ. पदम सिंह पदम ने पढ़ा कि हमारे हिंदुस्तान की पहचान है हिंदी, एकता, बंधुता, समता गुणों की खान है हिंदी...।
कवि प्रेमचंद्र शाक्य प्रेम ने किसने देखा कौन यहां कितना है मजबूर, पता नहीं कोई कर पाया चलना कितनी दूर... रचना सुनाई। उदयवीर सिंह उदय ने नहीं शकिवा अंधेरों से, बुरे का गुण बुराई है, रमारे खून की लाली, उजाले ने चुराई है... कविता सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। कुमारी शिवालिनी यादव ने हो अगर ईमान दिल में रास्ता गर खास है, मां-बाप के चरणों में वंदे गर तेरा विश्वास है... कविता पढ़ी। कवि संजू सूर्यम ठाकुर, कवि जयदेव सिंह, डॉ. दुर्वेश पाइथा, राकेश सरल, डॉ. सौरभ चौहान आदि ने भी काव्य पाठ किया। पूर्व प्रधानाचार्य केदार सिंह यादव और रामदत्त पारस ने सभी को हिंदी को आगे बढ़ाने की शपथ दिलाई। विजय तोमर, स्वदेशी समाज सेवा समिति फिरोजाबाद के अध्यक्ष मातादीन यादव, सचिव विवेक यादव, सहदेव सिंह आदि मौजूद रहे।
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कवि प्रेमचंद्र शाक्य प्रेम ने किसने देखा कौन यहां कितना है मजबूर, पता नहीं कोई कर पाया चलना कितनी दूर... रचना सुनाई। उदयवीर सिंह उदय ने नहीं शकिवा अंधेरों से, बुरे का गुण बुराई है, रमारे खून की लाली, उजाले ने चुराई है... कविता सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। कुमारी शिवालिनी यादव ने हो अगर ईमान दिल में रास्ता गर खास है, मां-बाप के चरणों में वंदे गर तेरा विश्वास है... कविता पढ़ी। कवि संजू सूर्यम ठाकुर, कवि जयदेव सिंह, डॉ. दुर्वेश पाइथा, राकेश सरल, डॉ. सौरभ चौहान आदि ने भी काव्य पाठ किया। पूर्व प्रधानाचार्य केदार सिंह यादव और रामदत्त पारस ने सभी को हिंदी को आगे बढ़ाने की शपथ दिलाई। विजय तोमर, स्वदेशी समाज सेवा समिति फिरोजाबाद के अध्यक्ष मातादीन यादव, सचिव विवेक यादव, सहदेव सिंह आदि मौजूद रहे।
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