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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट: आगरा की साढ़े सात लाख गाड़ियों में नहीं लगी, 15 नवंबर के बाद कटेगा चालान
Sun, 07 Nov 2021 10:56 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 07 Nov 2021 10:56 AM IST
सार
बगैर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगे व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस को बंद कर दिया गया है। फिर भी 25 हजार गाड़ियों में प्लेट लगना बाकी है।
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नंबर प्लेट (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यदि आपके निजी वाहन के नंबर के अंत में शून्य या एक है तो 15 नवंबर से पहले हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) अवश्य लगवा लें। इसके बाद चालान हो सकता है। अभी तक 25 हजार से ज्यादा व्यावसायिक वाहनों में भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाई जा सकी है। यही कारण है कि इन वाहनों की फिटनेस आरटीओ में बंद हो चुकी है। जिले में 7.5 लाख वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग सकी है।
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2018 से अनिवार्य कर दी है
एक नवंबर 2018 से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाहनों के लिए अनिवार्य कर दी गई थी। मगर, परिवहन मंत्रालय ने समय-समय पर छूट देकर तारीख बढ़ाई थीं। दिसंबर 2020 में कोरोना काल में एक बार फिर से तारीख बढ़ा दी गई थी। एक अक्तूबर से व्यावसायिक वाहनों के लिए एचएसआरपी अनिवार्य कर दी गई। इस पर परिवहन विभाग और पुलिस को चालान काटने के निर्देश दिए गए। इस कारण ही आरटीओ में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस भी बंद कर दी गई। अब 15 नवंबर से निजी वाहनों के भी चालान काटने की तैयारी है।
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दो हजार तक का होगा चालान
एआरटीओ प्रशासन एके सिंह ने बताया कि एचएसआरपी तकरीबन सात लाख से अधिक निजी और 25 हजार से अधिक व्यावसायिक वाहनों में लगाई जानी हैं। इनमें दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक है। चालान काटने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसलिए जल्द हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाएं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। नंबर प्लेट नहीं होने पर दो हजार रुपये तक का चालान काटा जा रहा है।
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‘तीसरी आंख’ से बच रहे अस्पष्ट और अधूरी नंबर प्लेट वाले वाहन
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने से अधूरी और अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले वाहन चालक भीबच रहे हैं। यह स्मार्ट सिटी के कैमरों की जद में नहीं आ पा रहे हैं। कैमरे नंबर से ही वाहन स्वामी का पता करते हैं। इसके बाद यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई की जाती है। मगर, अस्पष्ट और अधूरी नंबर प्लेट से चालान नहीं बन पा रहा है। टीआई सतीश राय ने बताया कि अधूरे और अस्पष्ट नंबर वाले वाहनों को रोका जा रहा है। उनके चालान किए जा रहे हैं।
सर्वर डाउन की दिक्कत
एचएसआरपी पंजीकरण का उद्देश्य चोरी और वाहनों की पहचान डुप्लीकेट नंबर प्लेट के साथ आसानी से करना है। नंबर प्लेट में एक बार कोड होता है। इसे स्कैन करने के बाद वाहन स्वामी का नाम, पता, इंजन नंबर, चेसिस नंबर सहित वाहन की वैधता तिथि तक पता की जा सकती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। निर्धारित शुल्क देय है। मगर, परिवहन विभाग के पोर्टल पर ज्यादा संख्या में आवेदन आने से सर्वर डाउन की दिक्कत हो रही है। वाहन डीलर भी एक से दो महीने का समय दे रहे हैं।
15 साल पुरानी गाड़ियां भी दौड़ रहीं
आगरा शहर और देहात में 15 साल पुरानी गाड़ियां भी धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इनकी संख्या तकरीबन डेढ़ लाख से अधिक है। पुलिस और परिवहन विभाग को पुरानी गाड़ियां सीज करने के निर्देश हैं। मगर, उसका असर कम ही नजर आ रहा है।
आगरा: बगैर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों की फिटनेस बंद, केवल एंबुलेंस को ही अनुमति
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने से अधूरी और अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले वाहन चालक भीबच रहे हैं। यह स्मार्ट सिटी के कैमरों की जद में नहीं आ पा रहे हैं। कैमरे नंबर से ही वाहन स्वामी का पता करते हैं। इसके बाद यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई की जाती है। मगर, अस्पष्ट और अधूरी नंबर प्लेट से चालान नहीं बन पा रहा है। टीआई सतीश राय ने बताया कि अधूरे और अस्पष्ट नंबर वाले वाहनों को रोका जा रहा है। उनके चालान किए जा रहे हैं।
सर्वर डाउन की दिक्कत
एचएसआरपी पंजीकरण का उद्देश्य चोरी और वाहनों की पहचान डुप्लीकेट नंबर प्लेट के साथ आसानी से करना है। नंबर प्लेट में एक बार कोड होता है। इसे स्कैन करने के बाद वाहन स्वामी का नाम, पता, इंजन नंबर, चेसिस नंबर सहित वाहन की वैधता तिथि तक पता की जा सकती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। निर्धारित शुल्क देय है। मगर, परिवहन विभाग के पोर्टल पर ज्यादा संख्या में आवेदन आने से सर्वर डाउन की दिक्कत हो रही है। वाहन डीलर भी एक से दो महीने का समय दे रहे हैं।
15 साल पुरानी गाड़ियां भी दौड़ रहीं
आगरा शहर और देहात में 15 साल पुरानी गाड़ियां भी धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इनकी संख्या तकरीबन डेढ़ लाख से अधिक है। पुलिस और परिवहन विभाग को पुरानी गाड़ियां सीज करने के निर्देश हैं। मगर, उसका असर कम ही नजर आ रहा है।
आगरा: बगैर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों की फिटनेस बंद, केवल एंबुलेंस को ही अनुमति