{"_id":"62040a11425af9682b7155f4","slug":"high-risk-pregnency-found-in-18-women-kasganj-news-agr5238513135","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 महिलाओं में मिली उच्च जोखिम की गर्भावस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 महिलाओं में मिली उच्च जोखिम की गर्भावस्था
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 365 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। जांच में 18 महिलाओं में उच्च जोखिम की गर्भावस्था पाई गई। चिकित्सकों ने महिलाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
परिवार नियोजन नोडल अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान दिवस पर पहली बार गर्भवती हुई महिलाओं को सरकार की ओर से लाभ देने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पंजीकरण किया जाता है। इसके साथ ही विशेष सेहत जांच, प्रसव स्थान, परिवार नियोजन, पोषण एवं कोरोना नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
डीपीएम पवन कुमार ने कहा कि इस दिवस पर गर्भवती को प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की सुविधाएं दी जाती है। इसके साथ ही परिवार नियोजन साधन अपनाने के लिए महिलाओं को जागरूक भी किया गया जाता है। ताकि स्वस्थ माँ और बच्चा के साथ मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। चिकित्सकों द्वारा प्रसव पूर्व सभी जांचें जैसे ब्लड टेस्ट, यूरिन जांच, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिफ़लिस, हीमोग्लोबिन जांच, अल्ट्रा साउंड की सुविधा दी जाती है, एवं नव दंपती को शादी के दो वर्ष के अंतर में पहला बच्चा और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम तीन वर्ष के बाद, दो बच्चों के बाद नसबंदी करवाने के लिए परामर्श भी दिया गया। उन्होंने कहा कि जनपद में कुल 365 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) जांच व अन्य जांचें की गई, जिनमें से 18 महिलाएं उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) चिह्नित की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
परिवार नियोजन नोडल अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान दिवस पर पहली बार गर्भवती हुई महिलाओं को सरकार की ओर से लाभ देने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पंजीकरण किया जाता है। इसके साथ ही विशेष सेहत जांच, प्रसव स्थान, परिवार नियोजन, पोषण एवं कोरोना नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
विज्ञापन
डीपीएम पवन कुमार ने कहा कि इस दिवस पर गर्भवती को प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की सुविधाएं दी जाती है। इसके साथ ही परिवार नियोजन साधन अपनाने के लिए महिलाओं को जागरूक भी किया गया जाता है। ताकि स्वस्थ माँ और बच्चा के साथ मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। चिकित्सकों द्वारा प्रसव पूर्व सभी जांचें जैसे ब्लड टेस्ट, यूरिन जांच, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिफ़लिस, हीमोग्लोबिन जांच, अल्ट्रा साउंड की सुविधा दी जाती है, एवं नव दंपती को शादी के दो वर्ष के अंतर में पहला बच्चा और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम तीन वर्ष के बाद, दो बच्चों के बाद नसबंदी करवाने के लिए परामर्श भी दिया गया। उन्होंने कहा कि जनपद में कुल 365 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) जांच व अन्य जांचें की गई, जिनमें से 18 महिलाएं उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) चिह्नित की गई।
विज्ञापन