बाह। नौतपा के साथ यमुना, चंबल के दोआव में सूरज की तपिश बढ़ गई है। लू के थपेड़ों ने दिन का चैन और रात की नींद छीन ली है। आसमान से बरस रही आग के बीच बाह, जैतपुर क्षेत्र के 150 गांवों में बढ़ी बिजली कटौती से ग्रामीण और किसानों में उबाल है।
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि 25 मई से सूर्य ने रोहणी नक्षत्र में प्रवेश किया है। नौतपा के शुरूआती 9 दिन सबसे गर्म रहते हैं। इस दौरान सूर्य देव पृथ्वी के सबसे नजदीक होते हैं। मान्यता है कि इन दिनों सूर्य को प्रसन्न करने से मानसिक बल, यश और शांति की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि रोजाना सुबह उठकर सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके लिए एक तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल और रोली डालें। इसके बाद सूर्य देव को देखते हुए अर्घ्य दें। ऐसा करने वाले जातक को सूर्य देव की कृपा की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मकता ऊर्जा का संचार बना रहता है। इस अवधि में लोगों को शरबत, दूध, दही और मौसमी फलों आदि का दान पुण्यकारी माना जाता है। जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।