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Agra: मरीज को आया हार्ट अटैक, बंद मिलीं दिल की नसें, एसएन मेडिकल काॅलेज में पहली बार डाले गए दो स्टेंट
Thu, 06 Feb 2025 10:07 PM IST
अरुन पाराशर
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 06 Feb 2025 10:07 PM IST
सार
एसएन मेडिकल काॅलेज में 27 जनवरी को कैथ लैब शुरू हुई, इसमें छह की एंजियोप्लास्टी हो चुकी है। कैथ लैब में पहली बार हृदयाघात के मरीज के दो स्टेंट डाले गए।
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एसएन मेडिकल काॅलेज में इलाज करते चिकित्सक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के कैथ लैब में पहली बार हृदयाघात के मरीज के दो स्टेंट डाले गए। उसकी दोनों नसें बंद थीं। सालभर पहले भी उसे एक स्टेंट डाला गया था। एंजियोप्लास्टी के बाद अब मरीज की हालत ठीक है। कैथ लैब में अब तक छह मरीजों की सर्जरी हो चुकी है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि फतेहाबाद रोड निवासी 52 साल के व्यक्ति को हृदयाघात हुआ। परिजन उसे इमरजेंसी ले आए। यहां ईसीजी से पता चला कि एक नस शत प्रतिशत और दूसरी 90 फीसदी बंद है। परिजन से पता चला कि एक साल पहले भी एक स्टेंट पड़ा था, वह भी पूरी तरह बंद था। इसके चलते स्टेंट के अंदर दो स्टेंट डालने पड़े।
अब छह सप्ताह बाद दूसरी नस में स्टेंट डाला जाएगा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 27 जनवरी को कैथ लैब शुरू हुई, इसमें छह की एंजियोप्लास्टी हो चुकी है। इसमें से चार मरीज आयुष्मान लाभार्थी हैं, जिनकी सर्जरी निशुल्क हुई है।
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हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि फतेहाबाद रोड निवासी 52 साल के व्यक्ति को हृदयाघात हुआ। परिजन उसे इमरजेंसी ले आए। यहां ईसीजी से पता चला कि एक नस शत प्रतिशत और दूसरी 90 फीसदी बंद है। परिजन से पता चला कि एक साल पहले भी एक स्टेंट पड़ा था, वह भी पूरी तरह बंद था। इसके चलते स्टेंट के अंदर दो स्टेंट डालने पड़े।
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अब छह सप्ताह बाद दूसरी नस में स्टेंट डाला जाएगा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 27 जनवरी को कैथ लैब शुरू हुई, इसमें छह की एंजियोप्लास्टी हो चुकी है। इसमें से चार मरीज आयुष्मान लाभार्थी हैं, जिनकी सर्जरी निशुल्क हुई है।
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