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तीन तलाक का मामला: छह निकाह करने वाले पूर्व मंत्री की अग्रिम जमानत पर नहीं हो सकी सुनवाई
Thu, 12 Aug 2021 08:48 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 12 Aug 2021 08:48 AM IST
सार
आरोपी पूर्व मंत्री चौधरी बशीर फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश का दावा कर रही है। हालांकि अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
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पूर्व मंत्री चौधरी बशीर और उन पर मुकदमा करने वाली नगमा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में तीन तलाक के मामले में आरोपी पूर्व मंत्री चौधरी बशीर के अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। पीड़िता के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि वो पूर्व मंत्री के प्रार्थनापत्र के साथ दिए गए शपथपत्र के जवाब में अपना प्रति शपथपत्र दाखिल करना चाहती है। इस पर जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने 16 अगस्त की तारीख सुनवाई के लिए सुनिश्चित की है।
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गोबर चौकी करीम नगर निवासी नगमा का निकाह 11 नवंबर 2012 को मंटोला निवासी पूर्व मंत्री चौधरी बशीर से हुआ था। नगमा का आरोप है कि वह तीन वर्ष से मायके में दो बच्चों के साथ रह रही है। पिछले दिनों उसे पता चला कि शौहर ने छठवां निकाह कर लिया है। इस पर वो 23 जुलाई को ससुराल गईं। विरोध करने पर शौहर ने तीन तलाक बोलकर उसे घर से निकाल दिया था।
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मामले में एसएसपी से शिकायत के बाद 31 जुलाई को थाना मंटोला में तीन तलाक का मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित नगमा का आरोप है कि वह तीन साल से मायके में दो बच्चों के साथ रह रही है। इसका फायदा उठाकर पति ने छठवीं शादी कर ली। जब वो विरोध करने गई तो उसे चौधरी बशीर ने तीन तलाक बोलकर निकाल दिया। पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर पीड़िता एसएसपी से मिली थी।
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पूर्व मंत्री ने कहा- मुझे फंसाया जा रहा है
इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी, लेकिन चौधरी बशीर घर से फरार हो गया था। उधर, आरोपी की ओर से अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया। इसमें कहा गया है कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। उसने कोर्ट से अग्रिम जमानत की गुहार लगाई। सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तिथि नियत की थी।
बुधवार को अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई हुई। नगमा के अधिवक्ता विजय आहूजा और साजिद ए कुरैशी ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि चौधरी बशीर के शपथपत्र के जवाब में प्रति शपथपत्र दाखिल करना चाहते हैं। इसके लिए समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने 16 अगस्त की तारीख नियत की है
इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी, लेकिन चौधरी बशीर घर से फरार हो गया था। उधर, आरोपी की ओर से अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया। इसमें कहा गया है कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। उसने कोर्ट से अग्रिम जमानत की गुहार लगाई। सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तिथि नियत की थी।
बुधवार को अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई हुई। नगमा के अधिवक्ता विजय आहूजा और साजिद ए कुरैशी ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि चौधरी बशीर के शपथपत्र के जवाब में प्रति शपथपत्र दाखिल करना चाहते हैं। इसके लिए समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने 16 अगस्त की तारीख नियत की है