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हेल्थ मॉनटरिंग सिस्टम मरीज की एक साथ सात जांच रिपोर्ट देगी
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत ने विक्रम विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह व विभिन्न संस्थानों के आठ शिक्षकों के साथ ‘हेल्थ मॉनीटरिंग सिस्टम’ का मॉडल प्रस्तुत किया है। जो कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) पर आधारित है। इसके जरिये मरीज की एक साथ सात जांच रिपोर्ट मिलेगी।
प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि मॉडल को पेटेंट करा लिया गया है। हेल्थ मॉनीटरिंग सिस्टम से कोरोना से पीड़ित मरीजों की देखरेख में आसानी हो जाएगी। इस सिस्टम से प्राप्त किए गए रियल-टाइम आंकड़ों के आधार पर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। वर्तमान में प्रचलित प्रणाली में मरीजों के लिए अलग-अलग जांच किए जाते हैं। इन जांचों में समग्रता नहीं होने की वजह से बेहतर इलाज नहीं हो पाता है। इससे मरीज के ठीक होने में ज्यादा समय लग जाता है। हेल्थ मॉनीटरिंग सिस्टम से सारे टेस्ट को एक ही डिवाइस, मोबाइल अथवा मशीन पर भेज दिया जाता है। सारे टेस्ट की उपलब्धता सतत और एक साथ होने से डॉक्टर अधिक दक्षता और तेजी से प्रभावी इलाज देता है।
हेल्थ मॉनीटरिंग सिस्टम में आठ सेंसर का इस्तेमाल किया गया है। ये सेंसर, कोरोना के मरीजों के टेंपरेचर, ऑक्सीजन स्तर, ब्लड शुगर के स्तर, प्रेशर स्तर, रेस्पिरेशन रेट, हाईड्रेसन और स्लीप क्वालिटी की सतत निगरानी करेगा। इन सभी के सतत आंकड़ों को स्टोर करेगा और सतत इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने ने प्रो. वीके सारस्वत को पेटेंट के लिए बधाई दी है।
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प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि मॉडल को पेटेंट करा लिया गया है। हेल्थ मॉनीटरिंग सिस्टम से कोरोना से पीड़ित मरीजों की देखरेख में आसानी हो जाएगी। इस सिस्टम से प्राप्त किए गए रियल-टाइम आंकड़ों के आधार पर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। वर्तमान में प्रचलित प्रणाली में मरीजों के लिए अलग-अलग जांच किए जाते हैं। इन जांचों में समग्रता नहीं होने की वजह से बेहतर इलाज नहीं हो पाता है। इससे मरीज के ठीक होने में ज्यादा समय लग जाता है। हेल्थ मॉनीटरिंग सिस्टम से सारे टेस्ट को एक ही डिवाइस, मोबाइल अथवा मशीन पर भेज दिया जाता है। सारे टेस्ट की उपलब्धता सतत और एक साथ होने से डॉक्टर अधिक दक्षता और तेजी से प्रभावी इलाज देता है।
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हेल्थ मॉनीटरिंग सिस्टम में आठ सेंसर का इस्तेमाल किया गया है। ये सेंसर, कोरोना के मरीजों के टेंपरेचर, ऑक्सीजन स्तर, ब्लड शुगर के स्तर, प्रेशर स्तर, रेस्पिरेशन रेट, हाईड्रेसन और स्लीप क्वालिटी की सतत निगरानी करेगा। इन सभी के सतत आंकड़ों को स्टोर करेगा और सतत इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने ने प्रो. वीके सारस्वत को पेटेंट के लिए बधाई दी है।
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