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इमरजेंसी में तीमरदार खुद करते हैं मरहम पट्टी
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मैनपुरी। जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भी व्यवस्थाएं बदहाल हैं। लगातार यहां मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं सामने आती हैं। रविवार को वायरल हुए वीडियो में स्टाफ का संवेदनहीन चेहरा सबके सामने आ गया। जहां परिजन खुद अपने मरीज की पट्टी कर रहे थे। जबकि जिम्मेदार दूर खड़े तमाशा देख रहे थे।
रविवार को जिला अस्पताल बंद था। ऐसे में सभी मरीजों को उपचार के लिए आपातकालीन वार्ड में ही लाया जा रहा था। रविवार को सुबह नौ बजे के करीब एक बालिका को उपचार के लिए यहां लाया गया था। बालिका के पैर बुरी तरह जले हुए थे। लगभग दस मिनट बाद चिकित्सकों ने उसे देखने के बाद ड्रेसिंग करने की बात कह दी, लेकिन यहां तैनात स्टाफ ने ड्रेसिंग करने की बजाए क्रीम और पट्टी परिजनों को ही थमा दी।
परिजनों ने ही खुद बालिका के जख्मों पर क्रीम लगाई। इसी दौरान उपचार के लिए यहां आए किसी व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बना लिया। स्टाफ ने वीडियो बनाते हुए युवक को देखा तो दौड़कर बालिका के पास पहुंच गया, लेकिन हकीकत यही है, कि जिला अस्पताल में
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मरीजों की पट्टी खुद तीमारदार ही करते हैं।
हजारों रुपये वेतन पाने वाले जिम्मेदार मरीजों को छूने से भी बचते हैं। न तो अस्पताल प्रशासन को ये लापरवाही नजर आती है और न ही यहां तैनात चिकित्सकों को। मरीजों के प्रति ऐसा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पूरे अस्पताल प्रशासन को शर्मसार करता है।
चाय गिरने से जली थी बालिका
दरअसल जिस बालिका का वीडियो वायरल हुआ है वह खौलती हुई चाय गिरने से जली थी। शहर के महमूद नगर निवासी साजिद की छह वर्षीय पुत्री आफरीन के लिए परिजनों ने चाय बनाई थी। किसी तरह ऊपर गैस पर रखा बर्तन आफरीन के ऊपर ही पलट गया और वह जल गई। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाए थे।
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रविवार को जिला अस्पताल बंद था। ऐसे में सभी मरीजों को उपचार के लिए आपातकालीन वार्ड में ही लाया जा रहा था। रविवार को सुबह नौ बजे के करीब एक बालिका को उपचार के लिए यहां लाया गया था। बालिका के पैर बुरी तरह जले हुए थे। लगभग दस मिनट बाद चिकित्सकों ने उसे देखने के बाद ड्रेसिंग करने की बात कह दी, लेकिन यहां तैनात स्टाफ ने ड्रेसिंग करने की बजाए क्रीम और पट्टी परिजनों को ही थमा दी।
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परिजनों ने ही खुद बालिका के जख्मों पर क्रीम लगाई। इसी दौरान उपचार के लिए यहां आए किसी व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बना लिया। स्टाफ ने वीडियो बनाते हुए युवक को देखा तो दौड़कर बालिका के पास पहुंच गया, लेकिन हकीकत यही है, कि जिला अस्पताल में
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मरीजों की पट्टी खुद तीमारदार ही करते हैं।
हजारों रुपये वेतन पाने वाले जिम्मेदार मरीजों को छूने से भी बचते हैं। न तो अस्पताल प्रशासन को ये लापरवाही नजर आती है और न ही यहां तैनात चिकित्सकों को। मरीजों के प्रति ऐसा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पूरे अस्पताल प्रशासन को शर्मसार करता है।
चाय गिरने से जली थी बालिका
दरअसल जिस बालिका का वीडियो वायरल हुआ है वह खौलती हुई चाय गिरने से जली थी। शहर के महमूद नगर निवासी साजिद की छह वर्षीय पुत्री आफरीन के लिए परिजनों ने चाय बनाई थी। किसी तरह ऊपर गैस पर रखा बर्तन आफरीन के ऊपर ही पलट गया और वह जल गई। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाए थे।