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रेडियोलॉजिस्ट गए छुट्टी, स्वास्थ्य सेवाएं हुईं प्रभावित
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रेडियोलॉजिस्ट
- फोटो : demo
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मैनपुरी। जिले के लिए इससे बड़ी बिडंवना क्या होगी कि एक रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी जाने से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिलेगा। 15 दिन तक पीड़ितों को मेडिकोलीगल के लिए 75 किलोमीटर दूर फिरोजाबाद जाना होगा। ऐसा अफसरों की उदासीनता से हो रहा है। क्योंकि जिले में सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है।
जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं किसी से छुपी नहीं हैं। तीन वर्षों से जिला रेडियोलॉजिस्ट की कमी से जूझ रहा है। महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार से किसी तरह व्यवस्था को संचालित किया जा रहा था। अब वह 15 दिन की छुट्टी पर चले गए हैं। इससे जिले भर की रेडियोलॉजिस्ट से संबंधित जांचें प्रभावित होने लगी हैं। यहां तक कि लड़ाई-झगड़े और दुर्घटनाओं में घायल होकर आने वाले लोगों की जांच भी पूरी तरह से बंद हो गई है। इसके चलते पीड़ितों को फिरोजाबाद के लिए रेफर किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में पिछले तीन साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इसके चलते कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विभाग ने तीन साल में सात बार रेडियोलॉजिस्ट के लिए मांगपत्र भेजा, लेकिन इसके बाद भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल पाया। इसके चलते यह जब भी एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर अरुण कुमार अवकाश जाते हैं तो यही समस्या उत्पन्न हो जाती है।
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जिले में रेडियोलॉजिस्ट की कमी से कई तरह की जांचें प्रभावित हो रही हैं। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से सीटी स्कैन मशीन सालों से बंद पड़ी है। मरीजों को सीटी स्कैन के लिए सैफई और आगरा के लिए रेफर किया जाता है। इसके साथ ही अल्ट्रासाउंट नहीं हो रहे हैं। अब डॉ. अरुण कुमार के अवकाश पर जाने के कारण महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद हो गया है। इसके साथ ही जिले में मेडिकोलीगल भी नहीं होंगे।
जिले में कुल 13 रेडियोलॉजिस्ट के सापेक्ष सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट की जिला अस्पताल में तैनात है। जिले की नौ सीएचसी पर रेडियोलॉजिस्ट की तैनात नहीं है। इसके साथ ही जिला पुरुष अस्पताल में दोनों पद तीन साल से रिक्त चल रहे हैं। जिला महिला अस्पताल में भी रेडियोलॉजिस्ट का एक पद तीन वर्ष से रिक्त चल रहा है।
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जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं किसी से छुपी नहीं हैं। तीन वर्षों से जिला रेडियोलॉजिस्ट की कमी से जूझ रहा है। महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार से किसी तरह व्यवस्था को संचालित किया जा रहा था। अब वह 15 दिन की छुट्टी पर चले गए हैं। इससे जिले भर की रेडियोलॉजिस्ट से संबंधित जांचें प्रभावित होने लगी हैं। यहां तक कि लड़ाई-झगड़े और दुर्घटनाओं में घायल होकर आने वाले लोगों की जांच भी पूरी तरह से बंद हो गई है। इसके चलते पीड़ितों को फिरोजाबाद के लिए रेफर किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में पिछले तीन साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इसके चलते कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विभाग ने तीन साल में सात बार रेडियोलॉजिस्ट के लिए मांगपत्र भेजा, लेकिन इसके बाद भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल पाया। इसके चलते यह जब भी एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर अरुण कुमार अवकाश जाते हैं तो यही समस्या उत्पन्न हो जाती है।
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जिले में रेडियोलॉजिस्ट की कमी से कई तरह की जांचें प्रभावित हो रही हैं। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से सीटी स्कैन मशीन सालों से बंद पड़ी है। मरीजों को सीटी स्कैन के लिए सैफई और आगरा के लिए रेफर किया जाता है। इसके साथ ही अल्ट्रासाउंट नहीं हो रहे हैं। अब डॉ. अरुण कुमार के अवकाश पर जाने के कारण महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद हो गया है। इसके साथ ही जिले में मेडिकोलीगल भी नहीं होंगे।
जिले में कुल 13 रेडियोलॉजिस्ट के सापेक्ष सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट की जिला अस्पताल में तैनात है। जिले की नौ सीएचसी पर रेडियोलॉजिस्ट की तैनात नहीं है। इसके साथ ही जिला पुरुष अस्पताल में दोनों पद तीन साल से रिक्त चल रहे हैं। जिला महिला अस्पताल में भी रेडियोलॉजिस्ट का एक पद तीन वर्ष से रिक्त चल रहा है।