Hathras Case: सीएफआई के चारों सदस्यों पर कसा शिकंजा, ईडी की टीम करेगी पूछताछ
सीएफआई के सदस्यों द्वारा कितना चंदा लिया गया तथा उसे कहां दिया गया और उसका उपयोग किस प्रकार से किया गया है। इसकी जानकारी ईडी द्वारा प्रथम दृष्टया पूर्व में ही कर ली गई है लेकिन इससे संबंधित साक्ष्य जुटाने के लिए लिए वह प्रयासरत है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दंगा कराने की मंशा से हाथरस जाने का प्रयास करते पकड़े गए सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) सदस्यों पर अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। सोमवार को मथुरा में ईडी की टीम पहुंची है।
इससे पहले क्राइम ब्रांच की टीम बहराइच और मुजफ्फरनगर निवासी दो सदस्यों के घर जा चुकी है। शासन स्तर से इस मामले की जांच जल्द पूरा करने का दबाव है। इसके चलते सीएफआई के सदस्यों के घरों की छानबीन की कमान क्राइम ब्रांच के एसपी राधेश्याम रॉय खुद संभाल रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Hathras Case: चारों संदिग्धों पर यूएपीए कानून के तहत भी मुकदमा दर्ज, देश में दंगा भड़काने की साजिश का आरोप
ईडी की टीम पहुंची मथुरा
सीएफआई के सदस्यों द्वारा कितना चंदा लिया गया तथा उसे कहां दिया गया और उसका उपयोग किस प्रकार से किया गया है। इसकी जानकारी ईडी द्वारा प्रथम दृष्टया पूर्व में ही कर ली गई है लेकिन इससे संबंधित साक्ष्य जुटाने के लिए लिए वह प्रयासरत है। इन साक्ष्यों के मिलने पर ईडी की टीम ने मथुरा में डेरा डाल लिया है। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि यदि इस संबंध में कोई जांच टीम आती है तो उसे पूरा सहयोग किया जाएगा।
हाथरस कांड के बाद हिंसा की साजिश में मथुरा से गिरफ्तार कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) के कथित सदस्यों को लेकर चौंकाने वाला जानकारी सामने आई है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में संदेशों को वेबसाइट द्वारा फैलाने में सीएफआई के सदस्यों की सक्रिय भूमिका थी। इनमें केरल का पत्रकार सिद्दीक दिल्ली के शाहीनबाग में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान से ही खुफिया विभाग के रडार पर था। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बहराइच निवासी मसूद और मुजफ्फरनगर के अतीकुर्रहमान की सक्रियता बताई जा रही है।
मथुरा जिले से सीएफआई के चार कथित सदस्यों के गिरफ्तारी के बाद से एटीएस, आईबी, मिलिट्री इंटेलीजेंस समेत खुफिया एजेंसियां जांच में जुटी हैं। संदिग्धों के बरामद लैपटॉप और स्मार्टफोन से नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं।