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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Hartalika Teej and Ganesh Chaturthi 2026 on 14 September Know Puja shubh muhurat

हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी 2026: एक ही दिन दोनों पर्व, इस बार बन रहा दुर्लभ संयोग; जानें पूजा के शुभ मुहूर्त

Sat, 12 Sep 2026 09:14 AM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 12 Sep 2026 09:14 AM IST
सार

14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई जाएगी। सुबह 7:07 बजे तक तृतीया तिथि के बाद चतुर्थी शुरू होगी। सुबह तीज व्रत और दोपहर में गणपति स्थापना होगी।

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Hartalika Teej and Ganesh Chaturthi 2026 on 14 September Know Puja shubh muhurat
हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी 2026 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस बार गणेशोत्सव की शुरुआत धार्मिक दृष्टि से खास संयोग के साथ होगी। 14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य वेदप्रकाश प्रचेता ने बताया कि पंचांग गणना के अनुसार 14 सितंबर को सुबह 7:07 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी और इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। ऐसे में सुबह महिलाएं हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखेंगी, जबकि दोपहर में शुभ मुहूर्त में गणपति प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।
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हरतालिका तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। तृतीया तिथि सुबह 7:06 बजे तक होने के बाद चतुर्थी का आरंभ होगा। गणेश स्थापना के लिए सुबह 11:02 से दोपहर 2 बजे तक का समय श्रेष्ठ माना गया है। इस समय में अभिजीत मुहूर्त व सिद्ध मुहूर्त भी रहेगा। धर्मशास्त्र के जानकारों के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए चतुर्थी में मध्याह्न पूजा और गणपति स्थापना का विशेष महत्व है।
 
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शाम को प्रदोष काल में हरतालिका तीज का पूजन किया जाएगा। इसके बाद महिलाएं रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करेंगी। अगले दिन 15 सितंबर को हरतालिका व्रत का पारण और ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। वहीं 19 सितंबर को राधाष्टमी का पर्व होगा।
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गणेश चतुर्थी 2026 की पूजा का समय

पूजा मुहूर्त: गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने और पूजा-अर्चना के लिए सुबह 11 बजकर 2 मिनट से दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक का शुभ समय रहेगा। भक्त इसी अवधि में गणपति बप्पा की स्थापना कर विधिपूर्वक पूजा कर सकते हैं।

चंद्रोदय: धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए। 14 सितंबर को सुबह 9 बजकर 6 मिनट से रात 8 बजकर 4 मिनट तक चंद्र दर्शन वर्जित रहेगा।

चतुर्थी तिथि: पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। 

गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला गणेशोत्सव 10 दिनों तक चलता है। वर्ष 2026 में इसका समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ होगा।
 
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