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चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का लटका परीक्षा परिणाम
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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। यूपी बोर्ड 2021 परीक्षा के लिए पंजीकृत जिले के चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम लटक गया है। 400 से अधिक कॉलेजों के इन छात्र-छात्राओं की अंकतालिकाएं बोर्ड ने नहीं भेजी हैं। जिसके चलते इन परीक्षार्थियों का भविष्य संकट में दिख रहा है। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक ने संबंधित छात्र-छात्राओं को पुन: परीक्षा के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने यूपी बार्ड 2020-21 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम 31 जुलाई को घोषित किया जा चुका है। कोरोना महामारी के कारण बिना परीक्षा कराए ही पूर्व परीक्षाओं के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। परीक्षा परिणाम में काफी खामियां पाई गई थीं।
चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने संशोधित परीक्षा परिणाम के लिए आवेदन किया था। लेकिन उनके प्रत्यावेदन पर बोर्ड ने कोई ध्यान नहीं दिया। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले को अंकतालिकाएं भी भेज दी हैं। चार हजार से अधिक प्रमोट और रुके हुए परीक्षा परिणाम वाले छात्र-छात्राओं की अंकतालिकाएं नहीं भेजी गई हैं। जिससे चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ गया। छात्र-छात्राओं के साथ ही अभिभावक भी परेशान हैं।
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जिन छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम रुका हुआ है या फिर उनके परीक्षा परिणाम पर प्रमोट दर्शाया गया है उनकी अंकतालिकाएं नहीं प्राप्त हुई हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं का प्रधानाचार्य पुन: परीक्षा आवेदन कराना सुनिश्चित करें। जिन छात्र-छात्राओं को अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्टि नहीं है। उन्हें पुन: परीक्षा के लिए आवेदन कराने के निर्देश दिए गए थे। प्रधानाचार्यों को 29 अगस्त की रात 12 बजे तक छात्र-छात्राओं से प्राप्त आवेदन बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कराने होंगे। ऐसे छात्र-छात्राओं की 18 सितंबर को बोर्ड ने परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
नाजर सिंह यादव, प्रभारी डीआईओएस
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माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने यूपी बार्ड 2020-21 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम 31 जुलाई को घोषित किया जा चुका है। कोरोना महामारी के कारण बिना परीक्षा कराए ही पूर्व परीक्षाओं के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। परीक्षा परिणाम में काफी खामियां पाई गई थीं।
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चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने संशोधित परीक्षा परिणाम के लिए आवेदन किया था। लेकिन उनके प्रत्यावेदन पर बोर्ड ने कोई ध्यान नहीं दिया। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले को अंकतालिकाएं भी भेज दी हैं। चार हजार से अधिक प्रमोट और रुके हुए परीक्षा परिणाम वाले छात्र-छात्राओं की अंकतालिकाएं नहीं भेजी गई हैं। जिससे चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ गया। छात्र-छात्राओं के साथ ही अभिभावक भी परेशान हैं।
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जिन छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम रुका हुआ है या फिर उनके परीक्षा परिणाम पर प्रमोट दर्शाया गया है उनकी अंकतालिकाएं नहीं प्राप्त हुई हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं का प्रधानाचार्य पुन: परीक्षा आवेदन कराना सुनिश्चित करें। जिन छात्र-छात्राओं को अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्टि नहीं है। उन्हें पुन: परीक्षा के लिए आवेदन कराने के निर्देश दिए गए थे। प्रधानाचार्यों को 29 अगस्त की रात 12 बजे तक छात्र-छात्राओं से प्राप्त आवेदन बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कराने होंगे। ऐसे छात्र-छात्राओं की 18 सितंबर को बोर्ड ने परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
नाजर सिंह यादव, प्रभारी डीआईओएस