{"_id":"5d29f1f38ebc3e6ced37367d","slug":"guru-purnima-clebration-in-janmaisthan-agra-news-agr3959123102","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री कृष्णजन्म स्थान पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री कृष्णजन्म स्थान पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव की धूम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के तत्वावधान में श्री कृष्ण संकीर्तन मंडल के सहयोग से गुुरु पूर्णिमा महोत्सव की धूम मची है। इसके अंतर्गत शनिवार की सुबह जन्मस्थान के लीलामंच पर गौड़ीय संप्रदाय के संतों ने ढोल, मजीरे की ध्वनि पर नृत्य किया। इस आयोजन का श्रद्धालुओं ने आनंद लिया और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
संस्थान के संयुक्त मुख्य अधिशासी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्म स्थान के प्रसादी भंडारे का जो भक्त श्रद्धा के साथ ग्रहण करता है, वह जन्म जन्मांतर के कष्टों से मुक्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई की शाम सात बजेे मुख्य आयोजन में गिरिराज महाराज का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य अलौकिक महाभिषेक होगा। महाभिषेक के मध्य मंदिर के पूजाचार्य वैदिक मंत्रों का पाठ करेंगे। इसके बाद 11 बजे से लीलामंच पर भंडारे का आयोजन होगा। शाम चार बजे से छप्पन भोग के दर्शन होंगे। शाम आठ बजे से भजन गायक चित्र विचित्र द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 108 दीपों से महाशयन आरती होगी। आयोजन की तैयारियों में अनुराग पाठक, अनिल भाई, महेशचंद्र, कन्हैया आदि लगे हैं।
विज्ञापन
संस्थान के संयुक्त मुख्य अधिशासी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्म स्थान के प्रसादी भंडारे का जो भक्त श्रद्धा के साथ ग्रहण करता है, वह जन्म जन्मांतर के कष्टों से मुक्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई की शाम सात बजेे मुख्य आयोजन में गिरिराज महाराज का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य अलौकिक महाभिषेक होगा। महाभिषेक के मध्य मंदिर के पूजाचार्य वैदिक मंत्रों का पाठ करेंगे। इसके बाद 11 बजे से लीलामंच पर भंडारे का आयोजन होगा। शाम चार बजे से छप्पन भोग के दर्शन होंगे। शाम आठ बजे से भजन गायक चित्र विचित्र द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 108 दीपों से महाशयन आरती होगी। आयोजन की तैयारियों में अनुराग पाठक, अनिल भाई, महेशचंद्र, कन्हैया आदि लगे हैं।
विज्ञापन