फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   gun n

5000 शस्त्र लाइसेंस किए जा सकते हैं निरस्त

Thu, 12 Jan 2017 12:36 AM IST
5000 शस्त्र लाइसेंस किए जा सकते हैं निरस्त
5000 शस्त्र लाइसेंस किए जा सकते हैं निरस्त Updated Thu, 12 Jan 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
gun n
डेरा अदमखेल जहां स्मार्टफोन से सस्ते दामों पर मिलती हैं बंदूकें - फोटो : Dawn
जनपद में पांच हजार शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जा सकते हैं। ये ऐसे लाइसेंस हैं जो पुलिस सत्यापन के दौरान नहीं मिले हैं। कारण यह है कि या तो शस्त्र लाइसेंस धारकों का पता बदल चुका है या फिर उन्होंने गलत पता दर्ज कराया था। एसएसपी ने ऐसे लोगों को तीन दिन का समय दिया है। अगर वे स्वयं आकर थाना पर सूचना देंगे तो उनका लाइसेंस बच जाएगा वरना निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
विज्ञापन

चुनाव आयोग इस बार लाइसेंसी असलाह के जमा कराने पर जोर दे रहा है। तमिलनाडु के चुनाव में 95 फीसदी असलाह जमा करा गए थे। यूपी में भी पुलिस को इतना ही टारगेट दिया गया है। लेकिन इसमें परेशानी आ रही है। बड़ी संख्या में ऐसे लाइसेंस हैं जिनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

इनमें बताए गए पते पर पुलिस पहुंची तो वहां कोई और मिला। पूरे जनपद में ऐसे लगभग 5000 लाइसेंस की सूची बनाई जा चुकी है। उधर पुलिस ने अब असलाह जमा कराए जाने पर भी जोर दिया है। इस बार केवल उन लोगों को चुनाव के दौरान असलाह रखने की छूट दी जाएगी जिनकी जान को वास्तव में खतरा हो। इसका फैसला पुलिस और प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिन लोगों के शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन नहीं हो पाया है, उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है। अगर वे स्वयं थाना आकर सत्यापन करा लेते हैं तो ठीक है, वरना लाइसेंस के निरस्तीकरण की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी जाएगी - डा. प्रीतिंदर सिंह ( एसएसपी )
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed