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UP: फर्जी कारोबार का हैरान कर देने वाला खुलासा, कागजों में भेज दिया हरियाणा और महाराष्ट्र तक 64 करोड़ का माल
Mon, 03 Nov 2025 10:56 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 03 Nov 2025 10:56 PM IST
सार
जीएसटी विभाग की जांच में पांच और फर्मों के नाम सामने आए हैं। इनके दस्तावेजों की जांच में भी फर्जी पतों व अन्य जानकारियां गलत होने की जानकारी मिली है। जिन बिलों को लगाकर आईटीसी एडजस्ट कराया जा रहा है, वह भी फर्जी निकले हैं।
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विस्तार
फर्जी दस्तावेजों से फर्मों का पंजीकरण कराकर करोड़ों की टैक्स चोरी के मामले में हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जालसाजों ने एफआईआर में नामजद फर्मों को फर्जी कारोबार दिखाने के लिए ही बनाया था। इन फर्मों के जरिये सिर्फ कागजों पर आगरा से दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र तक 64 करोड़ रुपये का माल भेज दिया।
इस फर्जी कारोबार को दिखाकर फर्म मालिकों ने करीब 14 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) एडजस्ट कर लिया। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पंकज गांधी ने बताया कि ऐसी बोगस फर्मों का मूल रूप से इस्तेमाल कुछ असल फर्मों को कर चोरी में लाभ पहुंचाने के लिए किया जाता है। हालांकि, पूरा सिस्टम ऑनलाइन होने की वजह से कुछ वक्त बाद ही सही पर सभी का खेल पकड़ में आ ही जाता है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल इन फर्मों में से किसी ने भी आईटीसी क्लेम नहीं किया है। ऐसे में विस्तृत जांच होने पर इन फर्मों से जुड़ी कर चोरी करने वाली अन्य फर्मों के भी नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि, अन्य राज्यों से मामला जुड़ा होने की वजह से यह सीजीएसटी विभाग के क्षेत्राधिकार में आता है। अब पुलिस इसकी अपने स्तर से जांच करेगी तो इन फर्मों के असल मालिकों के नाम सामने आएंगे।
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बता दें, दिगनेर के दीपक सोनी की फर्म ओम ट्रेडर्स, पुनिया पाड़ा में संदीप की श्री राम ट्रेडर्स, एमजी रोड पर अंकित कुमार के नाम से आरएस ट्रेडर्स, बेलनगंज में शिव प्रताप की बालाजी ट्रेडर्स, आरामबाग, लाइफ लाइन हाॅस्पिटल के पास स्थित आकाश की आकाश ट्रेडर्स, दीपक की सिंह ट्रेडर्स, कछपुरा में लवकुश की पीके ट्रेडर्स के नाम से पंजीकृत फर्मों के खिलाफ राज्य कर विभाग ने लोहामंडी थाने में दो मुकदमे दर्ज कराए हैं। पुलिस इन दोनों ही मामलों की जांच कर रही है।
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इस फर्जी कारोबार को दिखाकर फर्म मालिकों ने करीब 14 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) एडजस्ट कर लिया। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पंकज गांधी ने बताया कि ऐसी बोगस फर्मों का मूल रूप से इस्तेमाल कुछ असल फर्मों को कर चोरी में लाभ पहुंचाने के लिए किया जाता है। हालांकि, पूरा सिस्टम ऑनलाइन होने की वजह से कुछ वक्त बाद ही सही पर सभी का खेल पकड़ में आ ही जाता है।
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उन्होंने बताया कि फिलहाल इन फर्मों में से किसी ने भी आईटीसी क्लेम नहीं किया है। ऐसे में विस्तृत जांच होने पर इन फर्मों से जुड़ी कर चोरी करने वाली अन्य फर्मों के भी नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि, अन्य राज्यों से मामला जुड़ा होने की वजह से यह सीजीएसटी विभाग के क्षेत्राधिकार में आता है। अब पुलिस इसकी अपने स्तर से जांच करेगी तो इन फर्मों के असल मालिकों के नाम सामने आएंगे।
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बता दें, दिगनेर के दीपक सोनी की फर्म ओम ट्रेडर्स, पुनिया पाड़ा में संदीप की श्री राम ट्रेडर्स, एमजी रोड पर अंकित कुमार के नाम से आरएस ट्रेडर्स, बेलनगंज में शिव प्रताप की बालाजी ट्रेडर्स, आरामबाग, लाइफ लाइन हाॅस्पिटल के पास स्थित आकाश की आकाश ट्रेडर्स, दीपक की सिंह ट्रेडर्स, कछपुरा में लवकुश की पीके ट्रेडर्स के नाम से पंजीकृत फर्मों के खिलाफ राज्य कर विभाग ने लोहामंडी थाने में दो मुकदमे दर्ज कराए हैं। पुलिस इन दोनों ही मामलों की जांच कर रही है।
एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि विभाग की जांच में पांच और फर्मों के नाम सामने आए हैं। इनके दस्तावेजों की जांच में भी फर्जी पतों व अन्य जानकारियां गलत होने की जानकारी मिली है। जिन बिलों को लगाकर आईटीसी एडजस्ट कराया जा रहा है, वह भी फर्जी निकले हैं। इन फर्मों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए विभाग ने पुलिस से संपर्क साधा है।
पेपर कारोबारी ने की कर चोरी, 85 लाख जुर्माना लगा
शहर के बेलनगंज क्षेत्र स्थित नामी कागज कारोबारी ने चार करोड़ रुपये के स्टॉक में खेल कर दिया। भनक लगने पर पहुंची राज्य कर विभाग की टीम ने दस्तावेजों में खेल पकड़ लिया और फर्म पर 85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
बेलनगंज के भैरो बाजार में श्री राम पेपर वर्ल्ड नाम से कागज कारोबार से जुड़ी फर्म है। सोमवार को कर चोरी की शिकायत पर राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) पहुंच गई। जांच के दौरान एसआईबी की टीम को कारोबारी के व्यापारिक स्थल पर कोई स्टॉक नहीं मिला। यह तब था जब कारोबारी ने दाखिल किए गए रिटर्नों में अपने पास करीब चार करोड़ रुपये का पेपर एवं पेपर रोल का स्टॉक होने का दावा किया था। प्रारंभिक जांच में व्यापारी के रिटर्नों में टर्नओवर वास्तविक बिक्री से कम घोषित करने और कम जीएसटी जमा करने की बात पकड़ में आ गई। जांच में पकड़े जाने पर फर्म मालिक ने बतौर जुर्माना 85.40 लाख रुपये जमा करा दिए।
पेपर कारोबारी ने की कर चोरी, 85 लाख जुर्माना लगा
शहर के बेलनगंज क्षेत्र स्थित नामी कागज कारोबारी ने चार करोड़ रुपये के स्टॉक में खेल कर दिया। भनक लगने पर पहुंची राज्य कर विभाग की टीम ने दस्तावेजों में खेल पकड़ लिया और फर्म पर 85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
बेलनगंज के भैरो बाजार में श्री राम पेपर वर्ल्ड नाम से कागज कारोबार से जुड़ी फर्म है। सोमवार को कर चोरी की शिकायत पर राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) पहुंच गई। जांच के दौरान एसआईबी की टीम को कारोबारी के व्यापारिक स्थल पर कोई स्टॉक नहीं मिला। यह तब था जब कारोबारी ने दाखिल किए गए रिटर्नों में अपने पास करीब चार करोड़ रुपये का पेपर एवं पेपर रोल का स्टॉक होने का दावा किया था। प्रारंभिक जांच में व्यापारी के रिटर्नों में टर्नओवर वास्तविक बिक्री से कम घोषित करने और कम जीएसटी जमा करने की बात पकड़ में आ गई। जांच में पकड़े जाने पर फर्म मालिक ने बतौर जुर्माना 85.40 लाख रुपये जमा करा दिए।