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Agra News: गली-मोहल्लों में बंदरों का झुंड, लोग होते हैं परेशान
Tue, 17 Dec 2024 11:34 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 17 Dec 2024 11:34 PM IST
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कासगंज। शहर की गलियों में सुबह और शाम को बंदरों के झुंड एकत्रित हो जाते हैं। यह झुंड राहगीरों पर हमला करते हैं। शहर के नागरिकों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़वा कर बाहर भेजवाने की मांग किया है।
शहर के नवाब, नाथूराम, मोहन, जय-जयराम, सूत की मंडी आदि मोहल्लों के साथ नावल्टी रोडवेज बस स्टैंड क्षेत्र में बंदरों का काफी आतंक है। इन क्षेत्रों में बंदरों का झुंड सड़क पर बैठे रहते हैं। इसके चलते इस राह से लोगों का गुजरना दुभर होता है, खास तौर से यदि हाथ में कोई थैला हो तो और भी दिक्कत होती है। लोगों के घरों के दरवाजों पर भी बंदर एकत्रित हो जाते हैं। इसके चलते लोग घरों से निकलने में डरते हैं।
भयभीत परिजन बच्चों को भी घर से बाहर नहीं निकलने देते। इससे बच्चे भी घर में ही कैद होकर रह गए हैं। शहर के मोहल्ला नवाब में तो बंदरों का सबसे अधिक आतंक है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल है। इसके अलावा शहर के प्रभु पार्क में भी बंदरों की संख्या अधिक है। यहां सुबह और शाम को शहर के लोग टहलने आते हैं। उन्हें बंदरों का भय सता रहता है।लोगों ने प्रशासन से बंदर पकड़वाए जाने की मांग की है।
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निकाय चुनाव के घोषणा पत्र में किया था वादा
शहर में बंदरों को पकड़वाए जाने और अन्य समस्याओं से निजात दिलाए जाने के जनप्रतिनिधियों ने अपने घोषणा में वायदा किया था। निकाय चुनाव हुए दो वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन जनप्रतिनिधि ने जनता की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।
पकड़वाकर बंदरों को भेजे बाहर
- शहर में मुहल्ला नवाब में सबसे अधिक बंदरों का आतंक है। डर की वजह से छोटे बच्चे घर से नहीं निकलते हैं। कई बार तो बंदरों ने लोगों पर हमला कर दिया है। - सीपी शर्मा
- कई बार बंदरों के झुंड लोगों पर हमला कर चुके हैं। शहर के प्रभु पार्क में भी बंदरों के टहलने वालों पर हमला कर चुके हैं। जिम्मेदार लोगों को इस जनता की समस्या का निदान करना चाहिए। - सौरभ अग्रवाल
बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। बंदर पकड़ने वाली टीम से भी संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा। - मीना माहेश्वरी, पालिकाध्यक्ष
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शहर के नवाब, नाथूराम, मोहन, जय-जयराम, सूत की मंडी आदि मोहल्लों के साथ नावल्टी रोडवेज बस स्टैंड क्षेत्र में बंदरों का काफी आतंक है। इन क्षेत्रों में बंदरों का झुंड सड़क पर बैठे रहते हैं। इसके चलते इस राह से लोगों का गुजरना दुभर होता है, खास तौर से यदि हाथ में कोई थैला हो तो और भी दिक्कत होती है। लोगों के घरों के दरवाजों पर भी बंदर एकत्रित हो जाते हैं। इसके चलते लोग घरों से निकलने में डरते हैं।
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भयभीत परिजन बच्चों को भी घर से बाहर नहीं निकलने देते। इससे बच्चे भी घर में ही कैद होकर रह गए हैं। शहर के मोहल्ला नवाब में तो बंदरों का सबसे अधिक आतंक है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल है। इसके अलावा शहर के प्रभु पार्क में भी बंदरों की संख्या अधिक है। यहां सुबह और शाम को शहर के लोग टहलने आते हैं। उन्हें बंदरों का भय सता रहता है।लोगों ने प्रशासन से बंदर पकड़वाए जाने की मांग की है।
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निकाय चुनाव के घोषणा पत्र में किया था वादा
शहर में बंदरों को पकड़वाए जाने और अन्य समस्याओं से निजात दिलाए जाने के जनप्रतिनिधियों ने अपने घोषणा में वायदा किया था। निकाय चुनाव हुए दो वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन जनप्रतिनिधि ने जनता की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।
पकड़वाकर बंदरों को भेजे बाहर
- शहर में मुहल्ला नवाब में सबसे अधिक बंदरों का आतंक है। डर की वजह से छोटे बच्चे घर से नहीं निकलते हैं। कई बार तो बंदरों ने लोगों पर हमला कर दिया है। - सीपी शर्मा
- कई बार बंदरों के झुंड लोगों पर हमला कर चुके हैं। शहर के प्रभु पार्क में भी बंदरों के टहलने वालों पर हमला कर चुके हैं। जिम्मेदार लोगों को इस जनता की समस्या का निदान करना चाहिए। - सौरभ अग्रवाल
बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। बंदर पकड़ने वाली टीम से भी संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा। - मीना माहेश्वरी, पालिकाध्यक्ष