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बेसहारा गोवंशों के लिए 70 हेक्टेयर में उगाया जाएगा हरा चारा
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मैनपुरी। गोशालाओं में बेसहारा गोवंशों को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने पहल की है। इसके तहत जिले में चारागाह की 70 हेक्टेयर भूमि का चिह्नांकन किया गया है। इसमें से आठ हेेक्टेयर भूमि पर चारे की बुवाई का कार्य पूर्ण भी हो चुका है। जल्द ही बाकी क्षेत्र पर भी बुवाई का काम कराया जाएगा।
जिले की गोशालाओं में तीन हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इन गोवंशों को सरकार द्वारा भूसा उपलब्ध कराने के लिए तो धनराशि दी जाती है, लेकिन हरा चारा नहीं मिलता है। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार की पहल पर जिले में 70 हेक्टेयर चारागाह की भूमि का चिह्नांकन किया गया है। इस भूमि पर मनरेगा के तहत हरा चारा उगाया जाएगा। इसके लिए खंड विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आठ हेक्टेयर क्षेत्रफल में हरे चारे की बुवाई का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं 16 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पलेवा का काम कर दिया गया है। आठ दिन में इस भूमि पर भी चारे की बुवाई कर ली जाएगी। बाकी बचे 46 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर चारे की बुवाई के लिए सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने बताया कि लगभग दो माह बाद बेसहारा गोवंशों को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा मिलना शुरू हो जाएगा।
सोमवार शाम को सीडीओ विनोद कुमार ने अपने कार्यालय में खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस बैठक में उन्होंने बेसहारा गोवंशों को पकड़ने की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी बीडीओ 25 मार्च तक बेसहारा गोवंशों को हर हाल में संरक्षित कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मनरेगा से अस्थाई गोशाला का निर्माण कराने के साथ ही चारे की बुवाई भी कराई जाए। इस कार्य में लापरवाही करने वाले रोजगार सेवकों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाए। बैठक में उपायुक्त मनरेगा पीसी राम व सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
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जिले की गोशालाओं में तीन हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इन गोवंशों को सरकार द्वारा भूसा उपलब्ध कराने के लिए तो धनराशि दी जाती है, लेकिन हरा चारा नहीं मिलता है। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार की पहल पर जिले में 70 हेक्टेयर चारागाह की भूमि का चिह्नांकन किया गया है। इस भूमि पर मनरेगा के तहत हरा चारा उगाया जाएगा। इसके लिए खंड विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आठ हेक्टेयर क्षेत्रफल में हरे चारे की बुवाई का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं 16 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पलेवा का काम कर दिया गया है। आठ दिन में इस भूमि पर भी चारे की बुवाई कर ली जाएगी। बाकी बचे 46 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर चारे की बुवाई के लिए सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने बताया कि लगभग दो माह बाद बेसहारा गोवंशों को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा मिलना शुरू हो जाएगा।
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सोमवार शाम को सीडीओ विनोद कुमार ने अपने कार्यालय में खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस बैठक में उन्होंने बेसहारा गोवंशों को पकड़ने की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी बीडीओ 25 मार्च तक बेसहारा गोवंशों को हर हाल में संरक्षित कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मनरेगा से अस्थाई गोशाला का निर्माण कराने के साथ ही चारे की बुवाई भी कराई जाए। इस कार्य में लापरवाही करने वाले रोजगार सेवकों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाए। बैठक में उपायुक्त मनरेगा पीसी राम व सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
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