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पानी की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के लिए बड़ी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2016 12:35 AM IST
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आजम ख्ाान
- फोटो : अमर उजाला आगरा
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पानी की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को इस साल के अंत तक बड़ी राहत मिल सकती है। गंगाजल प्रोजेक्ट की समीक्षा करने के बाद नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने बताया कि प्रोजेक्ट के पूरा होने में आड़े आ रही भूमि अधिग्रहण की समस्या को जल्द दूर किया जाएगा। उन्होंने सिकंदरा वाटर वर्क्स स्थित मूविंग बैड बॉयोलॉजिकल रिएक्टर (एमबीबीआर) का निरीक्षण किया। इसके संचालन से वे संतुष्ट नजर आए।
नगर विकास मंत्री ने शनिवार को सर्किट हाउस में समीक्षा की। इसमें कमिश्नर प्रदीप भटनागर, जिलाधिकारी पंकज कुमार, जलनिगम के प्रबंधक निदेशक पीके आशुदानी, मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार चौहान मौजूद रहे। आजम ने प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट पर संतुष्टि जताने के बाद कहा कि कुछ जगहों पर जमीन मिलने में अड़चन है। किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं। सरकार किसानों को जरूर मना लेगी। उन्होंने सिकंदरा स्थित एमबीबीआर प्लांट का निरीक्षण भी किया। इस दौरान नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह, जलकल महाप्रबंधक मंजू रानी गुप्ता, उप नगर आयुक्त अनिल कुमार आदि मौजूद थे। आजम खां प्लांट के संचालन से संतुष्ट नजर आए। कहा कि वाटर वर्क्स का पानी मिनरल वाटर से ज्यादा बेहतर है। मिनरल वाटर में जो केमिकल मिलाए जाते हैं, वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। मगर, वाटर वर्क्स का पानी नेचुरल है।
बता दें कि शहर में पानी की कमी को दूर करने के लिए पालड़ा झाल (बुलंदशहर) से 144 एमएलडी गंगाजल लाया जाना है। इसके लिए पालड़ा झाल से सिकंदरा वाटर वर्क्स तक लगभग 142 किमी लंबी पाइप लाइन डाली जा रही है। इस प्रोजेक्ट की बढ़ती लागत पर आजम का कहना है कि बजट बढ़ने की चिंता नहीं है, सरकार की प्राथमिकता शहर को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है।
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क्षमता से अधिक शोधन पर दी सफाई
एमबीबीआर प्लांट पर शुक्रवार को क्षमता से अधिक पानी का शोधन किया गया। मानक 144 एमएलडी पानी के शोधन का है, लेकिन 146.5 एमएलडी पानी का शोधन हुआ। इस पर आजम खां का कहना था कि पानी सप्लाई में जो कमी थी, उसे दूर कर लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा मेरे आने की वजह से हुआ है।
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नगर विकास मंत्री ने शनिवार को सर्किट हाउस में समीक्षा की। इसमें कमिश्नर प्रदीप भटनागर, जिलाधिकारी पंकज कुमार, जलनिगम के प्रबंधक निदेशक पीके आशुदानी, मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार चौहान मौजूद रहे। आजम ने प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट पर संतुष्टि जताने के बाद कहा कि कुछ जगहों पर जमीन मिलने में अड़चन है। किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं। सरकार किसानों को जरूर मना लेगी। उन्होंने सिकंदरा स्थित एमबीबीआर प्लांट का निरीक्षण भी किया। इस दौरान नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह, जलकल महाप्रबंधक मंजू रानी गुप्ता, उप नगर आयुक्त अनिल कुमार आदि मौजूद थे। आजम खां प्लांट के संचालन से संतुष्ट नजर आए। कहा कि वाटर वर्क्स का पानी मिनरल वाटर से ज्यादा बेहतर है। मिनरल वाटर में जो केमिकल मिलाए जाते हैं, वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। मगर, वाटर वर्क्स का पानी नेचुरल है।
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बता दें कि शहर में पानी की कमी को दूर करने के लिए पालड़ा झाल (बुलंदशहर) से 144 एमएलडी गंगाजल लाया जाना है। इसके लिए पालड़ा झाल से सिकंदरा वाटर वर्क्स तक लगभग 142 किमी लंबी पाइप लाइन डाली जा रही है। इस प्रोजेक्ट की बढ़ती लागत पर आजम का कहना है कि बजट बढ़ने की चिंता नहीं है, सरकार की प्राथमिकता शहर को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है।
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क्षमता से अधिक शोधन पर दी सफाई
एमबीबीआर प्लांट पर शुक्रवार को क्षमता से अधिक पानी का शोधन किया गया। मानक 144 एमएलडी पानी के शोधन का है, लेकिन 146.5 एमएलडी पानी का शोधन हुआ। इस पर आजम खां का कहना था कि पानी सप्लाई में जो कमी थी, उसे दूर कर लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा मेरे आने की वजह से हुआ है।