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900 बीघा सरकारी जमीन का फर्जीवाड़ा आया था सामने
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मैनपुरी। ग्राम पंचायत विधूना के नगला भारा में सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद रविवार को दूसरे दिन भी पैमाइश चलती रही। इस दौरान लगभग दो सौ बीघा जमीन पैमाइश कर चिह्नित की गई।
तहसील क्षेत्र के नगला भारा में 900 बीघा सरकारी जमीन को गलत तरीके से लोगों ने अपने नाम दर्ज करा लिया था। ये मामला लगभग 33 वर्ष पुराना है। दो साल पहले हुई राजस्व विभाग की जांच में पूरा मामला खुलने के बाद एसडीएम ने भूमि की पैमाइश कर कब्जा हटवाने के आदेश दिए थे।
इसके बाद शनिवार को तहसीलदार नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने गांव पहुंचकर पैमाइश की थी। पहले दिन लगभग 250 बीघा भूमि की पैमाइश की गई थी। रविवार को सात गाटा संख्या 1442, 834, 1445,1446, 794, 795 और 797 की पैमाइश कर लगभग 200 बीघा भूमि का चिह्नांकन किया। जमीन की पैमाइश पूरी होने के बाद इसे खाली कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी। टीम में तहसीलदार के अलावा राजस्व निरीक्षक सतीश चंद्र यादव, लेखपाल राकेश परमार, श्याम कुमार गुप्ता, मनीष वर्मा, सत्यवीर सिंह मौजूद रहे। संवाद
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तहसील क्षेत्र के नगला भारा में 900 बीघा सरकारी जमीन को गलत तरीके से लोगों ने अपने नाम दर्ज करा लिया था। ये मामला लगभग 33 वर्ष पुराना है। दो साल पहले हुई राजस्व विभाग की जांच में पूरा मामला खुलने के बाद एसडीएम ने भूमि की पैमाइश कर कब्जा हटवाने के आदेश दिए थे।
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इसके बाद शनिवार को तहसीलदार नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने गांव पहुंचकर पैमाइश की थी। पहले दिन लगभग 250 बीघा भूमि की पैमाइश की गई थी। रविवार को सात गाटा संख्या 1442, 834, 1445,1446, 794, 795 और 797 की पैमाइश कर लगभग 200 बीघा भूमि का चिह्नांकन किया। जमीन की पैमाइश पूरी होने के बाद इसे खाली कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी। टीम में तहसीलदार के अलावा राजस्व निरीक्षक सतीश चंद्र यादव, लेखपाल राकेश परमार, श्याम कुमार गुप्ता, मनीष वर्मा, सत्यवीर सिंह मौजूद रहे। संवाद
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