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Agra News: सेक्रेटरी से मिलकर बनवा लिया फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र
Sun, 07 May 2023 11:17 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 07 May 2023 11:17 PM IST
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घिरोर।
थाना क्षेत्र के गांव धीप निवासी एक महिला की मृत्यु के बाद संपत्ति को हड़पने के लिए परिजन ने षडयंत्र रचा। तत्कालीन ग्राम पंचायत सेक्रेटरी से मिल कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया। उक्त मामले में न्यायालय के आदेश पर भतीजी ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
गांव नगला केहरी निवासी शीला देवी ने बताया कि उनकी बुआ ज्ञानश्री निवासी नगला धीप के कोई संतान नहीं थी। वह अक्सर इलाज के लिए उनके पास आती थीं। कई कई महीनों तक उनके ही पास रहा करतीं थीं। 28 अक्तूबर 2016 को बुआ की मृत्यु बीमारी के चलते उनके घर पर ही हो गई। बुआ की अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। 15 नवंबर 2016 को उनका मृत्यु प्रमात्र पत्र ग्राम पंचायत कल्होर पंछा से जारी हो गया था। बुआ के परिवारीजन लाल बहादुर, प्रमोद कुमार, अनारकली निवासी नगला धीप ने कभी भी बुआ को चैन से नहीं रहने दिया। उनकी खेती को लेकर हमेशा परेशान करते रहते थे। उक्त लोगों ने बुआ की संपत्ति को हड़पने के लिए ज्ञानश्री का मृत्यु प्रमाण पत्र तत्कालीन पंचायत सेक्रेटरी से साजिश कर मृत्यु आठ अगस्त 2016 दर्शाकर बनवा लिया। उक्त प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी है।
थाने में शिकायत दर्ज न होने पर उनके द्वारा न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया था। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने लाल बहादुर, प्रमोद कुमार, अनारकली और तत्कालीन ग्राम पंचायत सेक्रेटरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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थाना क्षेत्र के गांव धीप निवासी एक महिला की मृत्यु के बाद संपत्ति को हड़पने के लिए परिजन ने षडयंत्र रचा। तत्कालीन ग्राम पंचायत सेक्रेटरी से मिल कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया। उक्त मामले में न्यायालय के आदेश पर भतीजी ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
गांव नगला केहरी निवासी शीला देवी ने बताया कि उनकी बुआ ज्ञानश्री निवासी नगला धीप के कोई संतान नहीं थी। वह अक्सर इलाज के लिए उनके पास आती थीं। कई कई महीनों तक उनके ही पास रहा करतीं थीं। 28 अक्तूबर 2016 को बुआ की मृत्यु बीमारी के चलते उनके घर पर ही हो गई। बुआ की अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। 15 नवंबर 2016 को उनका मृत्यु प्रमात्र पत्र ग्राम पंचायत कल्होर पंछा से जारी हो गया था। बुआ के परिवारीजन लाल बहादुर, प्रमोद कुमार, अनारकली निवासी नगला धीप ने कभी भी बुआ को चैन से नहीं रहने दिया। उनकी खेती को लेकर हमेशा परेशान करते रहते थे। उक्त लोगों ने बुआ की संपत्ति को हड़पने के लिए ज्ञानश्री का मृत्यु प्रमाण पत्र तत्कालीन पंचायत सेक्रेटरी से साजिश कर मृत्यु आठ अगस्त 2016 दर्शाकर बनवा लिया। उक्त प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी है।
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थाने में शिकायत दर्ज न होने पर उनके द्वारा न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया था। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने लाल बहादुर, प्रमोद कुमार, अनारकली और तत्कालीन ग्राम पंचायत सेक्रेटरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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