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उपवास और प्रार्थना में बीता गुड फ्राइडे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2016 12:34 AM IST
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गुड फ्राइडे
- फोटो : अमर उजाला आगरा
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गिरजाघरों और मसीही संस्थानों में गुड फ्राइडे पर प्रभु ईसामसीह की सलीब (क्रूस) पर कष्टदायी मृत्यु की यादगारी पारंपरिक शोक और धार्मिक वातावरण में मनाई गई। विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। इनके अलावा छावनी स्थित सेंट पेट्रिक्स चर्च में फादर जॉन फरेरा, सेंट जोंस स्थित चर्च और सेंट पॉल्स चर्च समेत अन्य चर्चों में भी गुड फ्राइडे पर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं।
गुड फ्राइडे मसीह समाज के लिए विशेष दिन होता है। इस दिन समाज के लोग उपवास रखकर प्रार्थना करते हैं। प्रतापपुरा स्थित सेंट मेरीज गिरजाघर में मुख्य पुरोहित फादर मून लाजरस ने प्रार्थना करवाई। सहायक पुरोहित फादर जॉन रोशन परेरा ने प्रभु के क्रूस पर बलिदान होने की घटना पर प्रकाश डाला। कहा कि आज भी जब किसी गरीब, निर्दोष और भूखे पर जुल्म ढाया जाता है तो उसमें मौजूद ईश्वर पर जुल्म होता है। ईश्वरीयता नष्ट होती है। फादर जोबी ने मुख्य धर्मविधि संपन्न कराई। इसके बाद लुई अल्बर्ट एवं पौलीना फ्रांसिस की गायन मंडली ने भजन प्रस्तुत किए। क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष माइकिल सिल्वेरा, डेनिस सिल्वेरा, दीपक फेड्रिक ने व्यवस्थाएं संभालीं।
लाइट और साउंड के बीच क्रूस प्रसंग का जीवंत मंचन
वजीरपुरा स्थित निष्कलंक माता महागिरजाघर में शाम साढ़े तीन बजे प्रार्थना सभा में महाधर्माध्यक्ष डा. अल्बर्ट डिसूजा के नेतृत्व में 15 पुरोहितों ने मिस्सा बलिदान चढ़ाया। विशेष रूप से चर्च द्वारा वितरित की गई गोलक में एकत्रित धनराशि को चर्च को अर्पित किया गया। व्रत रखने वाले मसीह समाज के लोगों को शर्बत बांटा गया। शाम सात बजे सेंट पीटर्स ग्राउंड में लाइट और साउंड के बीच प्रभु ईसामसीह को सलीब पर चढ़ाए जाने के प्रसंग का मंचन सिल्वियो, ऐलन और आशु ने किया। निर्देशन फादर जोजफ पिंडी ने किया। राजू डेनियल, रोनी एल्फ्रेड, बाबा फ्रांसिस, जॉनी जोंस, मुकेश जॉन, रिंजी जेकब आदि का सहयोग रहा।
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गुड फ्राइडे मसीह समाज के लिए विशेष दिन होता है। इस दिन समाज के लोग उपवास रखकर प्रार्थना करते हैं। प्रतापपुरा स्थित सेंट मेरीज गिरजाघर में मुख्य पुरोहित फादर मून लाजरस ने प्रार्थना करवाई। सहायक पुरोहित फादर जॉन रोशन परेरा ने प्रभु के क्रूस पर बलिदान होने की घटना पर प्रकाश डाला। कहा कि आज भी जब किसी गरीब, निर्दोष और भूखे पर जुल्म ढाया जाता है तो उसमें मौजूद ईश्वर पर जुल्म होता है। ईश्वरीयता नष्ट होती है। फादर जोबी ने मुख्य धर्मविधि संपन्न कराई। इसके बाद लुई अल्बर्ट एवं पौलीना फ्रांसिस की गायन मंडली ने भजन प्रस्तुत किए। क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष माइकिल सिल्वेरा, डेनिस सिल्वेरा, दीपक फेड्रिक ने व्यवस्थाएं संभालीं।
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लाइट और साउंड के बीच क्रूस प्रसंग का जीवंत मंचन
वजीरपुरा स्थित निष्कलंक माता महागिरजाघर में शाम साढ़े तीन बजे प्रार्थना सभा में महाधर्माध्यक्ष डा. अल्बर्ट डिसूजा के नेतृत्व में 15 पुरोहितों ने मिस्सा बलिदान चढ़ाया। विशेष रूप से चर्च द्वारा वितरित की गई गोलक में एकत्रित धनराशि को चर्च को अर्पित किया गया। व्रत रखने वाले मसीह समाज के लोगों को शर्बत बांटा गया। शाम सात बजे सेंट पीटर्स ग्राउंड में लाइट और साउंड के बीच प्रभु ईसामसीह को सलीब पर चढ़ाए जाने के प्रसंग का मंचन सिल्वियो, ऐलन और आशु ने किया। निर्देशन फादर जोजफ पिंडी ने किया। राजू डेनियल, रोनी एल्फ्रेड, बाबा फ्रांसिस, जॉनी जोंस, मुकेश जॉन, रिंजी जेकब आदि का सहयोग रहा।
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