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स्वामीबाग समाध पर दमकने लगा गोल्डन कलश, जन्म दिवस पर चढ़ेगा अंतिम हिस्सा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 23 Aug 2018 05:19 PM IST
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स्वामीबाग समाध के गुंबद पर चढ़ाया गया कलश
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में स्वामीबाग समाध के गुंबद पर कलश के बाकी हिस्सों को लगाने का कार्य हो रहा है। दिल्ली से आई विशेष क्रेन के जरिये कलश के छह हिस्से लगा दिए हैं। स्वामीजी महाराज के जन्म दिवस (24 अगस्त) को कलश लगाने का कार्य पूरा हो जाएगा।
कलश लगाने के लिए दिल्ली से आई क्रेन ने गुरुवार की दोपहर तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में गुंबद पर कलश के तीन और हिस्से चढ़ाए गए हैं। इससे पहले सत्संग कर स्वामीजी महाराज का आशीर्वाद लिया गया। इसमें कई सत्संगी शामिल हुए।
शुक्रवार को कलश का अंतिम हिस्सा लगाया जाएगा। इस तरह 24 अगस्त तक कलश के सातों हिस्से स्थापित हो जाएंगे। 24 अगस्त को स्वामीजी महाराज का जन्म दिवस होने पर उनके जन्मस्थल पन्नी गली और स्वामीबाग में विशेष सत्संग और भंडारा होगा।
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कलश लगाने के लिए दिल्ली से आई क्रेन ने गुरुवार की दोपहर तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में गुंबद पर कलश के तीन और हिस्से चढ़ाए गए हैं। इससे पहले सत्संग कर स्वामीजी महाराज का आशीर्वाद लिया गया। इसमें कई सत्संगी शामिल हुए।
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शुक्रवार को कलश का अंतिम हिस्सा लगाया जाएगा। इस तरह 24 अगस्त तक कलश के सातों हिस्से स्थापित हो जाएंगे। 24 अगस्त को स्वामीजी महाराज का जन्म दिवस होने पर उनके जन्मस्थल पन्नी गली और स्वामीबाग में विशेष सत्संग और भंडारा होगा।
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कलश के हैं सात हिस्से
कलश का छठा हिस्सा
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, कलश के सात हिस्से हैं, पहला हिस्सा बीते महीने लगा दिया गया था। बाकी के छह हिस्सों को लगाने का कार्य किया जा रहा है। वहीं, जन्मोत्सव में सत्संगियों के आने का सिलसिला जारी है। पाकिस्तान से भी सत्संगी आए हैं।
स्वामीजी महाराज का 200वां जन्म समारोह 31 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस दिन तक मुख्य प्रवेश द्वार नहीं खुल पाएगा। अभी यहां पांचों दरवाजों पर स्टील के गेट लगाए जाने बाकी है।
ऐसे में समारोह में प्रवेश स्वामीबाग परिसर के गेटों से ही होगा। इधर, सात दिवसीय समारोह के लिए सत्संग और भोजन के लिए तीन-तीन हजार सत्संगियों का रोस्टर प्लान तैयार किया गया है।
स्वामीजी महाराज का 200वां जन्म समारोह 31 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस दिन तक मुख्य प्रवेश द्वार नहीं खुल पाएगा। अभी यहां पांचों दरवाजों पर स्टील के गेट लगाए जाने बाकी है।
ऐसे में समारोह में प्रवेश स्वामीबाग परिसर के गेटों से ही होगा। इधर, सात दिवसीय समारोह के लिए सत्संग और भोजन के लिए तीन-तीन हजार सत्संगियों का रोस्टर प्लान तैयार किया गया है।