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Agra News: मुंह ढककर निकलिए... संजय प्लेस में हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित

Wed, 22 Oct 2025 02:09 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 22 Oct 2025 02:09 AM IST
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Go out with your mouth covered... Sanjay Place has the most polluted air.
आगरा। दिवाली पर जमकर आतिशबाजी से शहर की हवा बिगड़ गई। धूल और धुआं से सांस रोगियों को परेशानी हुई, लेकिन तेज हवा चलने से वायु मंडल में सूक्ष्म कण नहीं जमे। इससे शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 151 रहा। वहीं संजय प्लेस लगातार तीसरे दिन शहर का सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा। यहां एक्यूआई 229 दर्ज किया गया। यहां लोगों के लिए मुंह ढककर निकलना ही ठीक है।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार शहर के छह स्टेशन में संजय प्लेस सर्वाधिक वायु प्रदषित क्षेत्र है। इसके अलावा शाहजहां गार्डन में एक्यूआई 138, शास्त्रीपुरम में 124, मनोहरपुर में 175 दर्ज किया गया। हालांकि, स्मार्ट सिटी के आंकड़े यूपीपीसीबी से जुदा हैं। जहां यूपीपीसीबी ने ताजमहल के पास शाहजहां गार्डन में एक्यूआई 138 दर्शाया, वहीं स्मार्ट सिटी के सेंसर कलाकृति के पास एक्यूआई 284 दर्शा रहे हैं। यहां पीएम-2.5 कणों का अधिकतम स्तर 294 और पीएम-10 कणों का स्तर 447 तक पहुंच गया।
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नामनेर में एक्यूआई 309, बाग फरजाना में 309, मोक्षधाम पर 232, एसबीआई चौराहा छीपीटोला पर 296 और तहसील तिराहा पर 305 दर्ज किया गया। वायु प्रदूषण के आंकड़ों में बड़ा अंतर होने से यूपीपीसीबी की रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं।
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पर्यावरणविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य का कहना है कि यूपीपीसीबी वायु प्रदूषण की स्थिति को छिपाने का प्रयास करता है, जबकि स्मार्ट सिटी के सेंसर वास्तविक स्थिति को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह को वायु प्रदूषण के आंकड़ों में दिखाई दे रहे अंतर को लेकर सख्त कदम उठाने चाहिए। यह जन स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।
जन प्रहरी संस्था के संयोजक नरोत्तम सिंह शर्मा ने कहा कि वायु प्रदूषण के नाम पर हो रही कागजी आंकड़ेबाजी के बजाय धरातल पर काम होना चाहिए। धूल नियंत्रण, खुले में भवन निर्माण सामग्री और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाकर वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

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टूटे नियम, रातभर हुई आतिशबाजी
दिवाली पर आतिशबाजी के शोर में नियम भी दब गए। अदालत ने रात 10 बजे के बाद आतिशबाजी पर प्रतिबंधित लागू किया था, लेकिन शहर में रातभर आसमान में धमाके होते रहे। करीब दो करोड़ रुपये के पटाखे बिक्री का अनुमान है।
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