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ग्लोबॉयल इंडिया 2022: बाबा रामदेव ने निराधार बताई मंदी की आशंका, बोले- भारत के बाजार पर नहीं पड़ेगा असर

Fri, 23 Sep 2022 12:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 23 Sep 2022 12:21 PM IST
सार

ताज होटल में ग्लोबॉयल इंडिया-2022 का शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में खाद्य तेल और कृषि व्यापार से जुड़ी कंपनियों ने खाद्य तेलों के भविष्य और मौजूदा बाजार पर मंथन किया जा रहा है।

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Globoyal India 2022 Baba Ramdev said  fear of recession India market will not affect
बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में गुरुवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने ग्लोबॉयल इंडिया 2022 के सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि देश में तेल की कीमतों में गिरावट तो आई है, पर घी के दाम आसमान छू रहे हैं। तेल के दाम नीचे आना उपभोक्ताओं के लिए शुभ संकेत है। 
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बृहस्पतिवार को आगरा में ग्लोबॉयल-2022 में आये पतंजलि के बाबा रामदेव ने तेल कारोबारियों के साथ मंथन किया। मंदी की आशंका को बाबा रामदेव ने नकार दिया। योग गुरु ने कहा कि पूरी दुनिया में मंदी का एक दौर है और इससे बाहर निकलने के लिए अलग-अलग प्रकार की जद्दोजहद पूरी दुनिया के देश कर रहे हैं, पर भारत में मंदी का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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भारत तो पहले से ही जुड़ा हुआ है

राहुल गांधी के देश के बंटवारे वाले बयान पर बाबा रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोई बंटवारा नहीं किया और नाहीं कोई एक व्यक्ति भारत को जोड़ सकता है। जोड़ा तो उसे जाता है, जो टूटा हुआ है, पर भारत तो पहले से ही जुड़ा हुआ है। इंग्लैंड में सारे मंदिरों में तोड़फोड़ खत्म होनी चाहिए। 
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लॉकडाउन के बाद बढ़ा खाद्य तेलों का आयात

दो दिवसीय ग्लोबॉयल इंडिया-2022 में बृहस्पतिवार को खाद्य तेल और कृषि व्यापार से जुड़ी कंपनियों ने खाद्य तेलों के भविष्य और मौजूदा बाजार पर मंथन शुरू किया। ताज होटल में शुरू हुए सम्मेलन में बताया गया कि लॉकडाउन के बाद खाद्य तेलों का न केवल आयात बढ़ा है, बल्कि मांग भी बढ़ी है। देश में खाद्य तेलों की खपत बढ़कर 24 मिलियन टन हो गई है। 

 
उद्घाटन टेफ्लॉज के प्रबंध निदेशक कैलाश सिंह ने संदीप बाजोरिया, अतुल चतुर्वेदी, मो. हेलमी ओथमान बाशा, संजीव अस्थाना के साथ मिलकर किया। कैलाश सिंह ने कहा कि विचारों के आदान-प्रदान का यह बड़ा मंच है। वैश्विक बाजार में भारत के बढ़ते महत्व का प्रतीक है। एसईए के कार्यकारी अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। हमारी मांग फिर से लॉकडाउन के पहले के बराबर है। इस अवसर पर खाद्य तेल और कृषि-व्यापार के क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को  ग्लोबॉयल इंडिया अवॉर्ड्स से सम्मानित भी किया गया।
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