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संवेदनहीनता: जन्म लेते ही बिटिया को मरने के लिए भूसे में फेंक गए 'जालिम'
Sun, 15 Mar 2020 11:35 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 15 Mar 2020 11:35 AM IST
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लेडी लायल अस्पताल में भर्ती बच्ची
- फोटो : अमर उजाला
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दुनिया में कदम रखते ही एक बिटिया को मरने के लिए भूसे में फेंक दिया गया। मां की गोद के लिए रो रही बेटी की आवाज सुनकर एक महिला आ गई। उसने न सिर्फ बेटी को दुलारा, बल्कि अस्पताल भी पहुंचा दिया। बाद में गोद लेने के लिए भी आतुर हो गई।
यह मामला है गांव महुआ खेड़ा का है। एक खेत में भूसे की कोठरी बनी थी। शनिवार सुबह गांव की रहने वाली रजनी भूसा लेने आई थी। तभी उसने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। बच्ची खून से लथपथ थी।
इससे आशंका है कि उसे पैदा होने के कुछ देर बाद ही यहां लाकर फेंक दिया गया। रजनी ने अपने पति को बताया। इसके बाद अस्पताल ले गई। मगर, उसे भर्ती नहीं किया गया। सूचना पर पुलिस आ गई।
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यह मामला है गांव महुआ खेड़ा का है। एक खेत में भूसे की कोठरी बनी थी। शनिवार सुबह गांव की रहने वाली रजनी भूसा लेने आई थी। तभी उसने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। बच्ची खून से लथपथ थी।
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इससे आशंका है कि उसे पैदा होने के कुछ देर बाद ही यहां लाकर फेंक दिया गया। रजनी ने अपने पति को बताया। इसके बाद अस्पताल ले गई। मगर, उसे भर्ती नहीं किया गया। सूचना पर पुलिस आ गई।
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पुलिस ने बच्ची को लेडी लायल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। सूचना पर चाइल्ड लाइन की समन्वयक ऋतु वर्मा भी आ गईं। उन्होंने बच्ची का हाल जाना। उन्होंने बताया कि बच्ची की तबीयत खराब है।
उसका वजन भी कम है। उसे एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है। उसकी देखभाल की जा रही है। आशंका है कि बच्ची को गांव के ही किसी व्यक्ति ने भूसे में रखा था। इसके बारे में पता किया जाएगा।
महिला बोली, मुझे गोद दे दो
रजनी के कोई संतान नहीं है। जब उसे बच्ची मिली तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह उसे गोद लेना चाहती थी। अस्पताल में भर्ती नहीं करने पर उसने पुलिस को बताया। मगर, उसे यह नहीं पता था कि पुलिस बच्ची को दूसरे अस्पताल में ले जाएगी। फिर बच्ची को उसे गोद नहीं दिया जाएगा। वह बार-बार उसे गोद लेने की कह रही थी। मगर, कानूनी प्रक्रिया बिना उसे गोद नहीं दिया जा सकता था।
उसका वजन भी कम है। उसे एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है। उसकी देखभाल की जा रही है। आशंका है कि बच्ची को गांव के ही किसी व्यक्ति ने भूसे में रखा था। इसके बारे में पता किया जाएगा।
महिला बोली, मुझे गोद दे दो
रजनी के कोई संतान नहीं है। जब उसे बच्ची मिली तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह उसे गोद लेना चाहती थी। अस्पताल में भर्ती नहीं करने पर उसने पुलिस को बताया। मगर, उसे यह नहीं पता था कि पुलिस बच्ची को दूसरे अस्पताल में ले जाएगी। फिर बच्ची को उसे गोद नहीं दिया जाएगा। वह बार-बार उसे गोद लेने की कह रही थी। मगर, कानूनी प्रक्रिया बिना उसे गोद नहीं दिया जा सकता था।