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Agra: दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर युवक से वसूले पांच लाख रुपये, युवती और तीन वकील गिरफ्तार

Wed, 06 Jul 2022 03:48 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 06 Jul 2022 03:48 PM IST
सार

आगरा में थाना हरीपर्वत पुलिस ने दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर पांच लाख रुपये वसूलने के आरोप में युवती और तीन वकीलों को गिरफ्तार किया है। युवती ने एक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जब पुलिस ने मामले की जांच की तो मामला झूठा निकला।

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girl and three lawyers arrested for blackmailing by false sexual assault case in agra
आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र के एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराकर उससे पांच लाख रुपये वसूले गए। पूरी साजिश रची गई थी। पुलिस ने बुधवार को पूरे खेल का खुलासा कर युवती और तीन अधिवक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दो आरोपी फरार हैं।

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एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि खंदौली के बहरामपुर निवासी अंजली ने एसएसपी ऑफिस में प्रार्थनापत्र दिया था। कहा था कि छलेसर निवासी राहुल सिकरवार उसका परिचित है। उसने 26 अप्रैल को जन्मदिन पार्टी के बहाने बुलाया। उसे ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक होटल में ले गया। 
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वहां कोल्ड ड्रिंक में नशे का पदार्थ मिलाकर दुष्कर्म किया। इस दौरान मोबाइल से वीडियो और फोटो भी बना लिए। विरोध पर वायरल करने की धमकी दी। उसके घरवालों से शिकायत की तो उन्होंने भी धमकाया। इस मामले में 24 जून को थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने जांच की।

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ऐसे खुला मामला

मामले की विवेचना सीओ हरीपर्वत सत्य नारायण के नेतृत्व में निरीक्षक हरीपर्वत अरविंद कुमार ने की। पीड़िता के बयान दर्ज किए। उसने एफआईआर में लिखी बात का समर्थन किया। कोर्ट में दिए बयान में घटना का समर्थन नहीं किया। इस पर पुलिस को शक हुआ। जिस मुकदमे के लिए पीड़िता अधिकारियों के पास तक गई थी, बयान देने में ऐसा क्या हुआ, जो वो पलट गई। इसमें सामने आया कि मुकदमा अवैध वसूली के लिए दर्ज कराया गया था।

यह चला पता

एसपी सिटी के मुताबिक, वसूली के लिए दोनों पक्ष के अधिवक्ता मिल गए थे। आरोप है कि युवती के अधिवक्ता जितेंद्र राजपूत ने आरोपी के अधिवक्ता अवनीश वैश्य को अपने साथ मिला लिया। सभी ने राहुल से कहा कि अब जेल जाना पड़ेगा। जमानत आसानी से नहीं होगी। करियर बर्बाद हो जाएगा। सरकारी नौकरी नहीं लग पाएगी। इस जानकारी के बाद पुलिस ने साक्ष्य संकलन किया। आरोपी अधिवक्ता भी थे, इसलिए पुलिस ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी बात की। सारे साक्ष्य भी दिखाए। इसके बाद गिरफ्तारी की गई।

गिरफ्तारी और बरामदगी

थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि खंदौली के गांव बहरामपुर निवासी अंजली, अधिवक्ता जितेंद्र राजपूत, निशांत कुमार प्रजापति और शेखर प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। वहीं अधिवक्ता अवनीश वैश्य और ममता सोनी फरार हैं। दोनों को मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। मुकदमा लिखाने के लिए अधिवक्ता ने एक लाख रुपये फीस ली थी। दो लाख रुपये युवती ने अपने पास रखे थे, जबकि दो लाख रुपये अन्य अधिवक्ता ने लिए थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 3.75 लाख रुपये बरामद किए हैं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

शहर में अवैध वसूली का यह पहला मामला नहीं है। जगदीशपुरा, सिकंदरा, खंदौली और एत्मादपुर में आरोपियों को पूर्व में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा लिखाने वालों को चिह्नित भी किया था।

कोचिंग के दौरान युवती से हुई थी दोस्ती

पुलिस ने बताया कि राहुल की उम्र 20 साल है। वह स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। एसएससी की तैयारी भी कर रहा है। युवती उससे आठ साल बड़ी है। भगवान टॉकीज स्थित कोचिंग में वो आता था। वहां पर लाइब्रेरी भी है। तभी युवती से मुलाकात हो गई। युवती भी खुद को तैयारी करने के बारे में बताती थी। 

बहाने से उसे होटल में ले गई थी। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज करा दिया। वह सीधे जनसुनवाई के दौरान एसएसपी ऑफिस में पहुंची थी। महिला के साथ दुष्कर्म का मामला होने के कारण तत्काल मुकदमे के आदेश हो गए। युवक को पता चला तो वो दहशत में आ गया था।

पुलिस कार्रवाई पर सवाल, आज बैठक करेंगे अधिवक्ता

यूथ बार एसोसिएशन के संस्थापक हेमंत भारद्वाज ने बताया कि अधिवक्ताओं का मत है कि बार एसोसिएशन के माध्यम से पूरे प्रकरण की जांच की जाए। देखा जाए कि पुलिस ने अधिवक्ताओं को किन तथ्यों के आधार पर नामजद किया। इस संबंध में बृहस्पतिवार को बैठक भी की जाएगी। 

एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन ने भी बैठक की। इसमें कहा कि पुलिस ने अधिवक्ताओं के खिलाफ जल्दबाजी में कार्रवाई की है। प्रत्येक व्यक्ति की विधिक रूप से सहायता करना अधिवक्ताओं का कर्तव्य है। बृहस्पतिवार को एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। 

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