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मथुराः प्रभु को सर्दी ना लगे, गिरिराजजी को ठंड से बचाने को अंगीठी जलाई, रजाई ओढ़ाई
Wed, 25 Dec 2019 11:26 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 25 Dec 2019 11:26 AM IST
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गिरिराज जी
- फोटो : अमर उजाला
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तलहटी स्थित गिरिराज के प्रमुख मंदिरों में प्रभु को सर्दी से बचाने के इंतजाम शुरू हो गए हैं। गिरिराज जी को सर्दी से बचाने के लिए अंगीठी जलाई जा रही है वहीं उन्हें रजाई ओढ़ाई जा रही है। गिरिराज जी की प्रसादी भी गर्म तासीर की बनाई जा रही है।
तलहटी में गिरिराज जी की पूजा बाल कृष्ण के रूप में होती है। प्रमुख मंदिरों में शाम को गिरिराज जी के श्रृंगार दर्शन होते हैं। पोशाक के श्रृंगार के बाद गिरिराज जी स्वयं कृष्ण बनकर वंशी बजाते हैं और छप्पन भोग, फूल बंगला मनोरथ होता है। दानघाटी मंदिर के सेवायत रामेश्वर पुरोहित ने बताया कि ब्रज में बालक के भाव में ब्रजवासी गिरिराज जी को पूजते हैं।
सर्दी बढ़ने के साथ ही गिरिराज जी को तापने के लिए अंगीठी रखी जाती है साथ ही तिल के लड्डू, सोंठ की मठरी आदि का भोग लगाया जा रहा है। दूसरी ओर जतीपुरा मुखारविंद मंदिर में शाम ढलते ही गिरिराज जी को रेशमी रजाई ओढ़ाई जा रही है।
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तलहटी में गिरिराज जी की पूजा बाल कृष्ण के रूप में होती है। प्रमुख मंदिरों में शाम को गिरिराज जी के श्रृंगार दर्शन होते हैं। पोशाक के श्रृंगार के बाद गिरिराज जी स्वयं कृष्ण बनकर वंशी बजाते हैं और छप्पन भोग, फूल बंगला मनोरथ होता है। दानघाटी मंदिर के सेवायत रामेश्वर पुरोहित ने बताया कि ब्रज में बालक के भाव में ब्रजवासी गिरिराज जी को पूजते हैं।
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सर्दी बढ़ने के साथ ही गिरिराज जी को तापने के लिए अंगीठी रखी जाती है साथ ही तिल के लड्डू, सोंठ की मठरी आदि का भोग लगाया जा रहा है। दूसरी ओर जतीपुरा मुखारविंद मंदिर में शाम ढलते ही गिरिराज जी को रेशमी रजाई ओढ़ाई जा रही है।
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सेवायत गोकुलेश अधिकारी ने बताया कि मंदिरों में विराजमान गिरिराज जी के दो भाव से पूजा होती हैं। एक भाव में दुग्धाभिषेक होता है तो दूसरे भाव में कृष्ण के दर्शन होते हैं। घर-घर में लड्डृ गोपाल को गर्म पोशाक पहनाई जा रही है।
सर्दी के चलते मंदिरों के दर्शन का समय कम कर दिया गया है। भक्त गर्म कपड़े और मोजा पहनकर गिरिराज जी की परिक्रमा लगा रहे हैं। दानघाटी मंदिर के सेवाधिकारी मथुरा दास कौशिक ने बताया कि प्रभु को भी ठंड से बचाने के इंतजाम किए गए हैं।
सर्दी के चलते मंदिरों के दर्शन का समय कम कर दिया गया है। भक्त गर्म कपड़े और मोजा पहनकर गिरिराज जी की परिक्रमा लगा रहे हैं। दानघाटी मंदिर के सेवाधिकारी मथुरा दास कौशिक ने बताया कि प्रभु को भी ठंड से बचाने के इंतजाम किए गए हैं।