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Agra News: घिरोर प्रकरणः दूसरी ग्रामसभा में तैनात लेखपाल की संलिप्तता पर उठे सवाल
Tue, 01 Jul 2025 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:12 PM IST
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घिरोर। तहसील घिरोर क्षेत्र की ग्राम पंचायत अकबर औंछा में एक जमीन को असंक्रमणीय से संक्रमणीय किए जाने का मामला इन दिनों सुर्खियों में है, जिससे स्थानीय प्रशासन में खलबली मची हुई है। यह प्रकरण तब और गंभीर हो जाता है जब पता चला कि जमीन का मुकदमा अपर आयुक्त आगरा मंडल, आगरा न्यायालय में पहले से ही विचाराधीन है। आरोप है कि फर्जी रिपोर्ट के आधार पर इस जमीन को असंक्रमणीय से संक्रमणीय घोषित कर दिया गया।
इस मामले में दूसरी ग्रामसभा में तैनात लेखपाल मोती सिंह की संलिप्तता सामने आने के बाद एसडीएम घिरोर, प्रसून कश्यप ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने तहसीलदार घिरोर, कमलेश कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही, एसडीएम ने इस प्रकरण से जुड़े पांच लोगों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। इनमें प्रभारी राजस्व निरीक्षक नरेंद्र सिंह, लेखपाल मोती सिंह, ग्राम पंचायत अकबरपुर में तैनात लेखपाल प्रशांत यादव, पेशकार देवकांत और एक मुंशी धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं।
अकबरपुर निवासी शराफत अली ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए मांग की है कि न्यायालय में विचाराधीन मामले के बावजूद किए गए इस बदलाव की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि लेखपाल की सांठगांठ से राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार घिरोर के फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग कर जमीन को असंक्रमणीय से संक्रमणीय किया गया है। शराफत अली ने संक्रमणीय के आदेश को निरस्त करने और सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम प्रसून कश्यप ने पुष्टि की है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
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इस मामले में दूसरी ग्रामसभा में तैनात लेखपाल मोती सिंह की संलिप्तता सामने आने के बाद एसडीएम घिरोर, प्रसून कश्यप ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने तहसीलदार घिरोर, कमलेश कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही, एसडीएम ने इस प्रकरण से जुड़े पांच लोगों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। इनमें प्रभारी राजस्व निरीक्षक नरेंद्र सिंह, लेखपाल मोती सिंह, ग्राम पंचायत अकबरपुर में तैनात लेखपाल प्रशांत यादव, पेशकार देवकांत और एक मुंशी धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं।
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अकबरपुर निवासी शराफत अली ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए मांग की है कि न्यायालय में विचाराधीन मामले के बावजूद किए गए इस बदलाव की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि लेखपाल की सांठगांठ से राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार घिरोर के फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग कर जमीन को असंक्रमणीय से संक्रमणीय किया गया है। शराफत अली ने संक्रमणीय के आदेश को निरस्त करने और सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम प्रसून कश्यप ने पुष्टि की है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
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