Mathura: पद्मश्री सम्मानित सुदेवी दासी ने नगर पंचायत कार्यालय में डाला मृत गोवंश, प्रशासन पर लगाया यह आरोप
गोवंश की मौत और मृत गोवंश को दफनाने के लिए जमीन न मिलने से आहत सुदेवी दासी मृत गोवंश को लेकर राधाकुंड नगर पंचायत पहुंची। कार्यालय के बाहर मृत गोवंश को डालकर विरोध जताया।
विस्तार
मथुरा के गोवर्धन में जर्मन मूल की इरिना ब्रुनिंग फेड्रिक (सुदेवी दासी) ने गुरुवार को मृत गोवंश को राधाकुंड नगर पंचायत कार्यालय के बाहर डालकर विरोध जताया। सुदेवी दासी का आरोप है कि गोशाला में 2800 गोवंश की सेवा चल रही है। यहां प्रतिदिन बीमारी के चलते 15-20 गोवंशो की मौत हो रही है, जिन्हें दफनाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। प्रशासन से सहयोग नहीं मिल रहा है।
जर्मन मूल की इरिना ब्रुनिंग फेड्रिक 1978 में पहली बार भारत में ब्रज भ्रमण पर आई थी। वह राधाकृष्ण की लीलाओं से प्रभावित हुई। ब्रज में रहकर गोवंश की सेवा करने लगीं। सुदेवी दासी गो सेवा में ऐसी रम गई कि उन्होंने अपना नाम सुदेवी दासी कर लिया। वीजा अड़चनों को दूर करने के लिए जर्मन जाती थीं, यह दौर कई वर्षों तक चला। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो सुदेवी दासी की वीजा अड़चनों पर विराम लग गया। वर्ष 2019 में सुदेवी को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गो सेवा के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया।
आरोप- प्रशासन नहीं कर रहा सुनवाई
मथुरा जिला प्रशासन ने सुदेवी दासी को मुखराई में गोशाला के लिए 20 बीघा जमीन दी। गो समाधि के लिए पाडल मार्ग पर एक बीघा जमीन दिलाई। मृत गोवंश की संख्या में इजाफा होने पर जमीन कम पड़ी। इस पर उन्होंने एसडीएम गोवर्धन को अवगत कराया गया। उनका आरोप है कि प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की।
मथुरा के गोवर्धन में जर्मन मूल की इरिना ब्रुनिंग फेड्रिक (सुदेवी दासी) ने गुरुवार को मृत गोवंश को राधाकुंड नगर पंचायत कार्यालय के बाहर डालकर विरोध जताया। सुदेवी दासी का आरोप है कि गोशाला में 2800 गोवंश की सेवा चल रही है। यहां प्रतिदिन बीमारी के चलते 15-20 गोवंशो की मौत हो रही है, जिन्हें दफनाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। प्रशासन से सहयोग नहीं मिल रहा है।
जर्मन मूल की इरिना ब्रुनिंग फेड्रिक 1978 में पहली बार भारत में ब्रज भ्रमण पर आई थी। वह राधाकृष्ण की लीलाओं से प्रभावित हुई। ब्रज में रहकर गोवंश की सेवा करने लगीं। सुदेवी दासी गो सेवा में ऐसी रम गई कि उन्होंने अपना नाम सुदेवी दासी कर लिया। वीजा अड़चनों को दूर करने के लिए जर्मन जाती थीं, यह दौर कई वर्षों तक चला। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो सुदेवी दासी की वीजा अड़चनों पर विराम लग गया। वर्ष 2019 में सुदेवी को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गो सेवा के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया।
आरोप- प्रशासन नहीं कर रहा सुनवाई
मथुरा जिला प्रशासन ने सुदेवी दासी को मुखराई में गोशाला के लिए 20 बीघा जमीन दी। गो समाधि के लिए पाडल मार्ग पर एक बीघा जमीन दिलाई। मृत गोवंश की संख्या में इजाफा होने पर जमीन कम पड़ी। इस पर उन्होंने एसडीएम गोवर्धन को अवगत कराया गया। उनका आरोप है कि प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की।