{"_id":"60fb03f28ebc3e585e421935","slug":"geo-tagging-could-not-be-done-even-after-18-days-of-planting-29-lakh-saplings-mainpuri-news-agr501001147","type":"story","status":"publish","title_hn":"29 लाख पौधे रोपने के 18 दिन बाद भी नहीं हो सकी जियो टैगिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
29 लाख पौधे रोपने के 18 दिन बाद भी नहीं हो सकी जियो टैगिंग
विज्ञापन
मैनपुरी। वन महोत्सव के तहत अभियान चलाकर लाखों पौधे रोपे गए, लेकिन इन पौधों की जियो टैगिंग नहीं की जा सकी। इससे अब तक शासन को नहीं पता कि ये पौधे कहां रोपित किए गए। लगातार दो बार शासन ने पौधों की जियो टैगिंग करने के लिए मौका दिया, लेकिन फिर भी जिम्मेदारों ने लापरवाही बरती।
चार जुलाई को जिले में वन महोत्सव की शुरुआत की गई थी। इसमें वन विभाग के साथ ही जिले के अन्य सभी विभागों ने अभियान चलाकर पौधे रोपित किए थे। एक ही दिन में कुल 28.99 लाख पौधे रोपित करने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इन पौधों की उसी दिन जियो टैगिंग भी की जानी थी। सभी को ऑनलाइन एप के माध्यम से पौधरोपण स्थल पर मौजूद रह कर उसकी जियो टैगिंग करनी थी। लेकिन ये काम जिम्मेदारों ने नहीं किया।
ऐसे में शासन को पता नहीं चल सका कि आखिर ये 28.99 लाख पौधे कहां रोपे गए। इस लापरवाही के बाद सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर बैठ गए। कई स्थानों पर तो लगाए गए पौधे अब नष्ट हो चुके हैं, उनकी जियो टैगिंग करना अब संभव नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे में जब भी अब जियो टैगिंग कराई जाएगी तो इसमें फर्जीवाड़ा होने की आशंका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चार जुलाई को जिले में वन महोत्सव की शुरुआत की गई थी। इसमें वन विभाग के साथ ही जिले के अन्य सभी विभागों ने अभियान चलाकर पौधे रोपित किए थे। एक ही दिन में कुल 28.99 लाख पौधे रोपित करने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इन पौधों की उसी दिन जियो टैगिंग भी की जानी थी। सभी को ऑनलाइन एप के माध्यम से पौधरोपण स्थल पर मौजूद रह कर उसकी जियो टैगिंग करनी थी। लेकिन ये काम जिम्मेदारों ने नहीं किया।
विज्ञापन
ऐसे में शासन को पता नहीं चल सका कि आखिर ये 28.99 लाख पौधे कहां रोपे गए। इस लापरवाही के बाद सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर बैठ गए। कई स्थानों पर तो लगाए गए पौधे अब नष्ट हो चुके हैं, उनकी जियो टैगिंग करना अब संभव नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे में जब भी अब जियो टैगिंग कराई जाएगी तो इसमें फर्जीवाड़ा होने की आशंका है।
विज्ञापन