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आगरा: सेवला वेटलैंड पर पहली बार नजर आया 'गार्गेनी', अन्य प्रवासी परिंदों ने भी बनाया ठिकाना
Mon, 12 Apr 2021 09:28 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 12 Apr 2021 09:28 AM IST
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प्रवासी पक्षी गार्गेनी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के ग्वालियर रोड पर स्थित सेवला वेटलैंड (आर्द्रभूमि) पर प्रवासी पक्षियों का डेरा जमा हुआ है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गार्गेनी, नाब-बिल्ड डक, लेशर विशलिंग डक, स्पॉट विल्ड डक, कॉमन कूट बड़ी संख्या में वेटलैंड पर अठखेलियां करतीं देखी जा सकती हैं।
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बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से वेटलैंड पर पहली बार गार्गेनी बतख को रिकार्ड किया गया है। आठ अप्रैल से गार्गेनी के 8 नर व 8 मादा को रिकार्ड किया जा रहा है।
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इसके अतिरिक्त अभी इस वेटलैंड पर प्रवासी पक्षियों में स्पॉटविल्ड डक, लेशर विशलिंग डक, नोब बिल्ड डक, कॉमन स्नाइप, कॉमन कूट, ब्लैक विग्ड स्टिल्ट, लिटिल स्टिंट, टैमिनिक स्टिंट, सिट्रिन वेगटेल, बुड सेन्डपाइपर, कॉमन सेन्डपाइपर, रेड शैंक आदि प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
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ग्वालियर रोड स्थित इस वेटलैंड पर प्रवासी व आवासीय पक्षियों की लगभग 90 से अधिक प्रजातियों को 2017 से अभी तक रिकार्ड किया जा चुका है। वर्ष 2021 में 128 नर व मादा नोर्दन शोवलर 54 दिन तक सेवला वेटलैंड पर रुककर गए हैं।
गार्गेनी यूरोप से भारत आता है
संस्था के अध्यक्ष व पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह के अनुसार गार्गेनी छोटे आकार की बतख है। यह यूरोप क्षेत्र में प्रजनन करती है लेकिन दक्षिणी अफ्रीका, भारत व बांग्लादेश में सर्दियों के प्रवास पर पहुंचती है। यह भोजन डबलिंग (स्कीमिंग) प्रक्रिया से करते हैं।
गार्गेनी यूरोप से भारत आता है
संस्था के अध्यक्ष व पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह के अनुसार गार्गेनी छोटे आकार की बतख है। यह यूरोप क्षेत्र में प्रजनन करती है लेकिन दक्षिणी अफ्रीका, भारत व बांग्लादेश में सर्दियों के प्रवास पर पहुंचती है। यह भोजन डबलिंग (स्कीमिंग) प्रक्रिया से करते हैं।