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गन्ना पेराई- लक्ष्य से भी तेज रफ्तार पर घूमा चीनी मिल का चक्का, मिली सहूलियत
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कासगंज की न्यौली चीनी मिल के बाहर खड़े गन्ना लदे वाहन
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। न्यौली चीनी मिल के संसाधनों ने सहूलियत दे दी है। लक्ष्य से भी तेज गति से चीनी मिल का चक्का घूमने लगा है। वैसे तो 15 हजार क्विंटल गन्ने की प्रतिदिन पेराई का लक्ष्य था। जिसे बढ़ाकर 20 हजार कर दिया गया लेकिन चीनी मिल का चक्का जिस रफ्तार से घूमा है उससे तो लक्ष्य से अधिक पेराई प्रतिदिन होने लगी है। अब 23 हजार क्विंटल गन्ने की खपत प्रतिदिन होने लगी है।
गन्ने की खरीद तेज गति से की जा रही है। अलीगढ़, बदायूं और कासगंज जिले के किसानों का गन्ना चीनी मिल द्वारा खरीदा जा रहा है। गन्ने की कतारें चीनी मिल के अलावा अन्य खरीद केंद्रों पर भी लगने लगी हैं। 20 नवंबर को जब चीनी मिल में पेराई शुरू हुई थी तब 15 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन पेराई का लक्ष्य चीनी मिल ने तय किया था, लेकिन जैसे-जैसे किसानों की भीड़ खरीद केंद्रों पर बढ़ने लगी तो फिर चीनी मिल ने संसाधन और दुरुस्त किए। पांच हजार क्विंटल पेराई का लक्ष्य बढ़ाया गया। संसाधनों ने ऐसा साथ दिया है कि लक्ष्य भी पीछे रह गया और लक्ष्य से अधिक 23 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन न्यौली चीनी मिल में शनिवार से पेराई की जा रही है।
बिचौलियों पर गन्ना विभाग की नजर
गन्ना विभाग को कुछ किसानों के माध्यम से जानकारी मिली कि बिचौलिए भी धीमे धीमे सक्रिय होने लगे हैं। इस पर विभाग ने बिचौलियों पर नजर बढ़ा दी है। किसानों का गन्ना सीधे खरीदने की ठोस योजना बनाई है। ई गन्ना प्रणाली को और प्रभावी किया जा रहा है।
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आंकड़े की नजर से-
- 3000 क्विंटल गन्ने प्रतिदिन लक्ष्य से अधिक होने लगी पेराई।
- 25 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य है तय।
- 7240 गन्ना किसानों से खरीदा जाना है गन्ना।
वर्जन-
- न्यौली चीनी मिल में गन्ना की पेराई का लक्ष्य 20 हजार क्विंटल प्रतिदिन रखा गया था, लेकिन जिस तरह से मिल का चक्का तेज गति से घूमा उससे तीन हजार क्विंटल गन्ना पेराई लक्ष्य से अधिक हो रही है। - ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
- गन्ना पेराई के साथ ही चीनी बनाने का काम भी शुरू हो गया है। गन्ना किसानों को गन्ना बिक्री के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - एसपी सिंह, महाप्रबंधक, न्यौली चीनी मिल।
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गन्ने की खरीद तेज गति से की जा रही है। अलीगढ़, बदायूं और कासगंज जिले के किसानों का गन्ना चीनी मिल द्वारा खरीदा जा रहा है। गन्ने की कतारें चीनी मिल के अलावा अन्य खरीद केंद्रों पर भी लगने लगी हैं। 20 नवंबर को जब चीनी मिल में पेराई शुरू हुई थी तब 15 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन पेराई का लक्ष्य चीनी मिल ने तय किया था, लेकिन जैसे-जैसे किसानों की भीड़ खरीद केंद्रों पर बढ़ने लगी तो फिर चीनी मिल ने संसाधन और दुरुस्त किए। पांच हजार क्विंटल पेराई का लक्ष्य बढ़ाया गया। संसाधनों ने ऐसा साथ दिया है कि लक्ष्य भी पीछे रह गया और लक्ष्य से अधिक 23 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन न्यौली चीनी मिल में शनिवार से पेराई की जा रही है।
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बिचौलियों पर गन्ना विभाग की नजर
गन्ना विभाग को कुछ किसानों के माध्यम से जानकारी मिली कि बिचौलिए भी धीमे धीमे सक्रिय होने लगे हैं। इस पर विभाग ने बिचौलियों पर नजर बढ़ा दी है। किसानों का गन्ना सीधे खरीदने की ठोस योजना बनाई है। ई गन्ना प्रणाली को और प्रभावी किया जा रहा है।
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आंकड़े की नजर से-
- 3000 क्विंटल गन्ने प्रतिदिन लक्ष्य से अधिक होने लगी पेराई।
- 25 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य है तय।
- 7240 गन्ना किसानों से खरीदा जाना है गन्ना।
वर्जन-
- न्यौली चीनी मिल में गन्ना की पेराई का लक्ष्य 20 हजार क्विंटल प्रतिदिन रखा गया था, लेकिन जिस तरह से मिल का चक्का तेज गति से घूमा उससे तीन हजार क्विंटल गन्ना पेराई लक्ष्य से अधिक हो रही है। - ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
- गन्ना पेराई के साथ ही चीनी बनाने का काम भी शुरू हो गया है। गन्ना किसानों को गन्ना बिक्री के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - एसपी सिंह, महाप्रबंधक, न्यौली चीनी मिल।