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गंगा दशहरा का स्नान प्रशासन के लिए बनेगा चुनौती
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कासगंज गंगा दशहर की खबर से संबंधित फोटो- सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के मौके पर कासगंज-बरेली मार्ग
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। पूरे वर्ष गंगाघाटों पर विशेष धार्मिक महत्व के पर्वों पर गंगास्नान के लिए श्रद्धालु उमड़ते हैं, लेकिन हर बार प्रशासन व पुलिस के प्रयास श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे बौने पड़ जाते हैं। सोमवती अमावस्या पर्व पर यातायात की व्यवस्था तार-तार हो गई और 16 घंटे तक जाम के हालात बने रहे। अब इस बार फिर से 9 जून को गंगा दशहरा का स्नान पर्व फिर से प्रशासन, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगा। क्योंकि इस स्नान पर्व पर भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगाघाटों पर उमड़ेंगे।
गंगास्नान के लिए स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में राजस्थान, मध्यप्रदेश के श्रद्धालु भी आते हैं। इन श्रद्धालुओं का आना एक दिन पूर्व से ही शुरू हो जाता है। रातोंरात हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के वाहन अलग-अलग स्थानों से गंगास्नान को पहुंचते हैं। श्रद्धालु सोरोंजी, हरि की पौड़ी, लहरा गंगाघाट एवं कछला गंगाघाट पर मुख्य रूप से स्नान करते हैं। बाहर के श्रद्धालु इन्हीं गंगाघाटों पर पहुंचते हैं, जिससे सर्वाधिक दबाव इन्हीं घाटों पर रहता है।
कासगंज-बरेली-मथुरा मार्ग ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का एकमात्र मार्ग है। मार्ग में कहीं भी कोई अवरोध उत्पन्न हो जाए तो कई किलोमीटर लंबा जाम लगने लगता है। यातायात को नियंत्रित करना, वाहनों की पार्किंग कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहता है। कछला और लहरा पर पार्किंग की सुविधाजनक स्थिति न होने के कारण तमाम वाहन चालक सड़कों के किनारे वाहन पार्क कर देते हैं। जो यातायात अवरुद्ध होने का मुख्य कारण है। इसके अतिरिक्त कासगंज और बदायूं के प्रशासन में समन्वय की कमी भी बड़ा कारण है। ऐसी स्थितियों के बीच अब गंगा दशहरा का स्नान पर्व 9 जून को है।
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- सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कोरोना काल के बाद यह पहला ऐसा मौका था जब श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ पहुंची। गंगा दशहरा पर्व को लेकर इस बार अभी से समीक्षा की जा रही है। रेंज से अतिरिक्त पुलिस मांगी जा रही है। बदायूं जनपद के प्रशासन से भी इस संबंध में वार्ता की जाएगी। - रोहन प्रमोद बोत्रे, एसपी।
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गंगास्नान के लिए स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में राजस्थान, मध्यप्रदेश के श्रद्धालु भी आते हैं। इन श्रद्धालुओं का आना एक दिन पूर्व से ही शुरू हो जाता है। रातोंरात हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के वाहन अलग-अलग स्थानों से गंगास्नान को पहुंचते हैं। श्रद्धालु सोरोंजी, हरि की पौड़ी, लहरा गंगाघाट एवं कछला गंगाघाट पर मुख्य रूप से स्नान करते हैं। बाहर के श्रद्धालु इन्हीं गंगाघाटों पर पहुंचते हैं, जिससे सर्वाधिक दबाव इन्हीं घाटों पर रहता है।
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कासगंज-बरेली-मथुरा मार्ग ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का एकमात्र मार्ग है। मार्ग में कहीं भी कोई अवरोध उत्पन्न हो जाए तो कई किलोमीटर लंबा जाम लगने लगता है। यातायात को नियंत्रित करना, वाहनों की पार्किंग कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहता है। कछला और लहरा पर पार्किंग की सुविधाजनक स्थिति न होने के कारण तमाम वाहन चालक सड़कों के किनारे वाहन पार्क कर देते हैं। जो यातायात अवरुद्ध होने का मुख्य कारण है। इसके अतिरिक्त कासगंज और बदायूं के प्रशासन में समन्वय की कमी भी बड़ा कारण है। ऐसी स्थितियों के बीच अब गंगा दशहरा का स्नान पर्व 9 जून को है।
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- सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कोरोना काल के बाद यह पहला ऐसा मौका था जब श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ पहुंची। गंगा दशहरा पर्व को लेकर इस बार अभी से समीक्षा की जा रही है। रेंज से अतिरिक्त पुलिस मांगी जा रही है। बदायूं जनपद के प्रशासन से भी इस संबंध में वार्ता की जाएगी। - रोहन प्रमोद बोत्रे, एसपी।