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श्रीगणेश महोत्सव की तैयारियां जोरों पर
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गणेश चतुर्दशी को लेकर गणेश प्रतिमाओं की खरीददारी करते लोग
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। गणपति बप्पा आज से फिर घर-घर आ रहे हैं। लोग उनकी तैयारियों में जुट गए हैं। बाजारों में भी रौनक लौट आई है। श्रीगणेश भगवान की प्रतिमाओं की बिक्री जनपद में तेज हो गई है। श्रीगणेश महोत्सव दो सितंबर से शुरू होने जा रहा है, जिसकी धूम 11 दिनों तक जनपद में रहेगी।
श्रीगणेश महोत्सव जनपद में दो सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए शनिवार को नगर के बाजारों में लोगों की भीड़ देखी गई। गणेश महोत्सव के लिए नगर में चार फुट से लेकर 11 फुट तक की प्रतिमा तैयार की जा रही हैं। बाहर से आए कारीगरों ने नगर के विभिन्न स्थानों पर सड़क के किनारे ही डेरा डाल रहा है।
विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाओं को बेहतर रूप दिया जा रहा है। प्रतिमाओं की खरीदारी शनिवार से ही शुरू हो गई। इसके अतिरिक्त सराफा बाजार भी गर्म हो गया। भक्त चांदी की छोटी प्रतिमा को भी खरीद रहे हैं। जिन्हें लोग अपने घरों में स्थापित कर गणेश महोत्सव बनाएंगे।
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दोपहर 12:05 बजे का समय मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त
वेदाचार्य रामानंदन शास्त्री बताते हैं कि श्रीगणेश भगवान की पूजा-अर्चना के लिए दिन का मध्य समय उचित रहेगा। उनके अनुसार दो सितंबर को दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 12 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तक श्रीगणेश महोत्सव कार्यक्रम चलेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिख रहा उत्साह
जिले में श्रीगणेश महोत्सव का शहरी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि ग्रामीण अंचल में भी बड़ा महत्व है। गांव-गांव भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापना की तैयारी चल रही हैं। युवाओं ने चंदा करके गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी व स्थापना कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार कर ली है।
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श्रीगणेश महोत्सव जनपद में दो सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए शनिवार को नगर के बाजारों में लोगों की भीड़ देखी गई। गणेश महोत्सव के लिए नगर में चार फुट से लेकर 11 फुट तक की प्रतिमा तैयार की जा रही हैं। बाहर से आए कारीगरों ने नगर के विभिन्न स्थानों पर सड़क के किनारे ही डेरा डाल रहा है।
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विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाओं को बेहतर रूप दिया जा रहा है। प्रतिमाओं की खरीदारी शनिवार से ही शुरू हो गई। इसके अतिरिक्त सराफा बाजार भी गर्म हो गया। भक्त चांदी की छोटी प्रतिमा को भी खरीद रहे हैं। जिन्हें लोग अपने घरों में स्थापित कर गणेश महोत्सव बनाएंगे।
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दोपहर 12:05 बजे का समय मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त
वेदाचार्य रामानंदन शास्त्री बताते हैं कि श्रीगणेश भगवान की पूजा-अर्चना के लिए दिन का मध्य समय उचित रहेगा। उनके अनुसार दो सितंबर को दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 12 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तक श्रीगणेश महोत्सव कार्यक्रम चलेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिख रहा उत्साह
जिले में श्रीगणेश महोत्सव का शहरी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि ग्रामीण अंचल में भी बड़ा महत्व है। गांव-गांव भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापना की तैयारी चल रही हैं। युवाओं ने चंदा करके गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी व स्थापना कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार कर ली है।