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गांधी जयंती: फैशन के दौर में स्वदेशी की पहचान बापू की खादी को भूले लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Tue, 02 Oct 2018 09:06 AM IST
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खादी कपड़ों की दुकान
- फोटो : अमर उजाला
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भले ही गांधी जयंती पर देशवासी मोहनदास करमचंद गांधी को नमन कर रहे हैं, लेकिन उनके संदेशों को देश भूलता रहा है। स्वदेशी की पहचान और स्वतंत्रता आंदोलन में जान फूंकने वाली बापू की खादी को लोग भूलते जा रहे हैं।
नौजवान, युवा, बच्चे, महिलाएं खादी को भुलाकर रेडीमेड कपड़ों की खरीद में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। यही कारण है कि खादी खरीदने वालों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। खादी आश्रमों पर अब बिक्री नहीं होती है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश भर में खादी की अलख जगाई थी लेकिन आधुनिक जीवन की दौड़ में अब लोग खादी को भूलते जा रहे हैं। खादी ग्रामोद्योग केंद्रों पर खादी से बने कुर्ता, पजामा, पेंट, शर्ट के कपड़ों के अलावा दरी, चादर, मेजपोश व अन्य कपड़ों की बिक्री की जाती है।
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नौजवान, युवा, बच्चे, महिलाएं खादी को भुलाकर रेडीमेड कपड़ों की खरीद में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। यही कारण है कि खादी खरीदने वालों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। खादी आश्रमों पर अब बिक्री नहीं होती है।
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश भर में खादी की अलख जगाई थी लेकिन आधुनिक जीवन की दौड़ में अब लोग खादी को भूलते जा रहे हैं। खादी ग्रामोद्योग केंद्रों पर खादी से बने कुर्ता, पजामा, पेंट, शर्ट के कपड़ों के अलावा दरी, चादर, मेजपोश व अन्य कपड़ों की बिक्री की जाती है।
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खादी की बिक्री कम
पिछले सालों से देखा जा रहा है कि खादी के कपड़ों की खरीदारी के प्रति लोगों में रुझान कम हुआ है। खादी ग्रामोद्योग के 18-20 केंद्र हैं। खादी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार छूट भी देती है लेकिन अब खादी पर छूट की कोई योजना नहीं चल रही।
फिरोजाबाद के भारतीय खादी ग्राम सेवा संस्थान के मंत्री माधव नरायन यादव का कहना है कि अभी खादी पर छूट की कोई योजना नहीं है। दो अक्तूबर को लखनऊ में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने खादी पर 15-20 प्रतिशत छूट की घोषणा कर सकते हैं।
वहीं कोटला चुंगी स्थित खादी ग्रामोद्योग केंद्र के प्रभारी शिवकुमार शर्मा का कहना है कि खादी के कपड़ों की खरीदारी तो लोग कर रहे हैं लेकिन बिक्री कम हो रही है। फैशन के दौर में खासकर युवा तो खादी को भूल ही गए हैं।
फिरोजाबाद के भारतीय खादी ग्राम सेवा संस्थान के मंत्री माधव नरायन यादव का कहना है कि अभी खादी पर छूट की कोई योजना नहीं है। दो अक्तूबर को लखनऊ में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने खादी पर 15-20 प्रतिशत छूट की घोषणा कर सकते हैं।
वहीं कोटला चुंगी स्थित खादी ग्रामोद्योग केंद्र के प्रभारी शिवकुमार शर्मा का कहना है कि खादी के कपड़ों की खरीदारी तो लोग कर रहे हैं लेकिन बिक्री कम हो रही है। फैशन के दौर में खासकर युवा तो खादी को भूल ही गए हैं।