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Agra News: कोरियर फ्रेंचाइजी के नाम पर डेढ़ लाख की ठगी, एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
Sun, 12 Jul 2026 11:04 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:04 PM IST
सार
युवक ने कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि कंपनी की देशभर में संचालित सभी शाखाएं बंद हो चुकी हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, कंपनी ने इसी तरह करीब एक हजार फ्रेंचाइजी मालिकों से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की ठगी की है।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
कोरियर फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर सुरक्षा राशि के नाम पर एक युवक से डेढ़ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने कंपनी पर देशभर के करीब एक हजार फ्रेंचाइजी धारकों से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ताजगंज क्षेत्र के रजरई निवासी नवीन शर्मा ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया है कि 5 अक्तूबर, 2025 को उन्होंने दल्लास ई कॉम इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नई दिल्ली स्थित कॉरपोरेट कार्यालय में एक अनुबंध किया था। कंपनी के कर्मचारी हर्षित सिंह ने उन्हें नई दिल्ली कार्यालय में श्यामसुंदर और रिशाली राज से मिलवाया था। वहां पांच वर्ष के लिए आगरा के पिन कोड 282006 और 282009 का कोरियर पार्टनर बनाने के नाम पर नवीन से 1.50 लाख रुपये सुरक्षा राशि के तौर पर जमा कराए गए। कंपनी ने प्रशिक्षण और सेटअप के लिए 45 दिन का समय मांगा था।
45 दिन बाद भी काम शुरू नहीं, संपर्क टूटा
आरोप है कि कंपनी द्वारा मांगे गए 45 दिन का समय बीत जाने के बाद भी कोरियर संचालन शुरू नहीं कराया गया। जब नवीन ने कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि कंपनी की देशभर में संचालित सभी शाखाएं बंद हो चुकी हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, कंपनी ने इसी तरह करीब एक हजार फ्रेंचाइजी मालिकों से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की ठगी की है।
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डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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ताजगंज क्षेत्र के रजरई निवासी नवीन शर्मा ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया है कि 5 अक्तूबर, 2025 को उन्होंने दल्लास ई कॉम इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नई दिल्ली स्थित कॉरपोरेट कार्यालय में एक अनुबंध किया था। कंपनी के कर्मचारी हर्षित सिंह ने उन्हें नई दिल्ली कार्यालय में श्यामसुंदर और रिशाली राज से मिलवाया था। वहां पांच वर्ष के लिए आगरा के पिन कोड 282006 और 282009 का कोरियर पार्टनर बनाने के नाम पर नवीन से 1.50 लाख रुपये सुरक्षा राशि के तौर पर जमा कराए गए। कंपनी ने प्रशिक्षण और सेटअप के लिए 45 दिन का समय मांगा था।
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45 दिन बाद भी काम शुरू नहीं, संपर्क टूटा
आरोप है कि कंपनी द्वारा मांगे गए 45 दिन का समय बीत जाने के बाद भी कोरियर संचालन शुरू नहीं कराया गया। जब नवीन ने कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि कंपनी की देशभर में संचालित सभी शाखाएं बंद हो चुकी हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, कंपनी ने इसी तरह करीब एक हजार फ्रेंचाइजी मालिकों से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की ठगी की है।
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डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।