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फैसला: चार हत्याओं से थर्राया था फिरोजाबाद, 11 वर्ष बाद हत्याकांड के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
Thu, 16 Dec 2021 12:27 PM IST
Abhishek Saxena
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:27 PM IST
सार
छुरी व गड़सा से हमला कर चार लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में दो आरोपी पुलिस की पकड़ में अभी तक नहीं आए हैं
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जिला एवं सत्र न्यायालय फिरोजाबाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फिरोजाबाद में थाना उत्तर क्षेत्र के देवकीनगर (झील की पुलिया) क्षेत्र में विगत 11 वर्ष पूर्व चर्चित चौहरे हत्याकांड में दोषी गंगा सिंह बघेल और रामरतन को अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जुर्माने की 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।किराए पर रहता था मुकेश
थाना उत्तर के देवकीनगर (झील की पुलिया) निवासी मधु के मकान में जिला एटा के अवागढ़ के गांव नरौरा निवासी मुकेश बघेल किराए पर रहता था। मधु का मकान खाली करने को लेकर मुकेश से विवाद हो गया था। इस पर विगत 12 अगस्त 2010 की रात को मधु के पति बाबूलाल, बेटे छोटू, बेटी शैली व प्राची की छुरी और गड़सा से हमला कर हत्या कर दी गई थी। आरोपी मधु उसके बेटे आगम को मृत समझकर छोड़कर भाग गए। घटना की जानकारी मधु के चचिया ससुर मक्खन लाल व रामलाल के आने पर हो सकी। मामले में 13 अगस्त 2010 को मधु की तहरीर पर मुकेश बघेल, पत्नी प्रीती, भाई महेश व अमित कुमार के खिलाफ जानलेवा हमले एवं हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के बाद मुकेश और प्रीति फरार हो गए, जो अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं।
सामने आए थे ये नाम
विवेचना के दौरान मुकेश को किराए पर मकान दिलाने वाले देवकी नगर झील का पुलिया के पास निवासी रामरतन, मुकेश के पिता गंगा सिंह बघेल व बहन मालती के नाम साजिश में सामने आए। इस पर 120बी की धारा बढ़ाते हुए इनके नाम भी शामिल कर लिए गए। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई को अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय यजुवेंद्र विक्रम सिंह के न्यायालय में हुई। शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार शर्मा ने पीड़िता के पति सहित मासूमों का कत्ल करने वाले गंगा सिंह और राम रतन बघेल दोनों को सख्त सजा दिलाने की पहल की। उन्होंने इसके लिए हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट की कई नियामवली को न्यायालय के समक्ष रखा। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर गंगा सिंह बघेल व रामरतन को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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थाना उत्तर के देवकीनगर (झील की पुलिया) निवासी मधु के मकान में जिला एटा के अवागढ़ के गांव नरौरा निवासी मुकेश बघेल किराए पर रहता था। मधु का मकान खाली करने को लेकर मुकेश से विवाद हो गया था। इस पर विगत 12 अगस्त 2010 की रात को मधु के पति बाबूलाल, बेटे छोटू, बेटी शैली व प्राची की छुरी और गड़सा से हमला कर हत्या कर दी गई थी। आरोपी मधु उसके बेटे आगम को मृत समझकर छोड़कर भाग गए। घटना की जानकारी मधु के चचिया ससुर मक्खन लाल व रामलाल के आने पर हो सकी। मामले में 13 अगस्त 2010 को मधु की तहरीर पर मुकेश बघेल, पत्नी प्रीती, भाई महेश व अमित कुमार के खिलाफ जानलेवा हमले एवं हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के बाद मुकेश और प्रीति फरार हो गए, जो अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं।
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सामने आए थे ये नाम
विवेचना के दौरान मुकेश को किराए पर मकान दिलाने वाले देवकी नगर झील का पुलिया के पास निवासी रामरतन, मुकेश के पिता गंगा सिंह बघेल व बहन मालती के नाम साजिश में सामने आए। इस पर 120बी की धारा बढ़ाते हुए इनके नाम भी शामिल कर लिए गए। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई को अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय यजुवेंद्र विक्रम सिंह के न्यायालय में हुई। शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार शर्मा ने पीड़िता के पति सहित मासूमों का कत्ल करने वाले गंगा सिंह और राम रतन बघेल दोनों को सख्त सजा दिलाने की पहल की। उन्होंने इसके लिए हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट की कई नियामवली को न्यायालय के समक्ष रखा। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर गंगा सिंह बघेल व रामरतन को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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